Ramnagar : बाघ के आतंक के बाद हरकत में आया वन महकमा, लगाए पिंजरा और कैमरा ट्रैप - Uttarakhand Highlights

Ramnagar : बाघ के आतंक के बाद हरकत में आया वन महकमा, लगाए पिंजरा और कैमरा ट्रैप

Rain Water Harvesting

रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर में लंबे समय से बाघ का आतंक बना हुआ है. बाघ की दहशत से लोगों में खौफ है. वहीं बीते दिनों बाघ द्वारा महिला को निवाला बनाने के बाद वन महकमा हरकत में आया है. वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए जंगल में पिंजरे और कैमरा ट्रैप लगाए है. साथ ही वनकर्मियों की गश्त भी तेज कर दी है.

बता दें कि रामनगर वन विभाग में बाघों के हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. पिछले 15 महीनों की बात करें तो बाघ के हमले में 11 लोगों ने अपनी जान गंवाई है. जिसमें कॉर्बेट पार्क क्षेत्र के साथ ही रामनगर वन प्रभाग और तराई पश्चिम का क्षेत्र भी शामिल है. वहीं बाघ कई लोगों पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर चुका है. वहीं कॉर्बेट नेशनल पार्क से लगे रामनगर वन प्रभाग क्षेत्र के रिंगोडा गांव में बीते 18 दिसंबर को 70 साल की तुलसी देवी दो अन्य महिलाओं के साथ जंगल में चारापत्ती लेने गई थी.

इसी दौरान बाघ ने तुलसी देवी पर हमला कर दिया. जिससे तुलसी देवी की मौत हो गई. वहीं अन्य दोनों महिलाओं ने बाघ के हमले की जानकारी ग्रामीणों और वन विभाग को दी. महिला की मौत से आक्रोशित लोगों ने नेशनल हाईवे को करीब तीन घंटे तक बाधित कर दिया था, लोगों ने रिंगोड़ा क्षेत्र में पानी की समस्या से निजात दिलाने को लेकर हैंडपंप व हमलावर बाघ को ट्रेंकुलाइज करने की मांग वन प्रभाग से लगाई थी. जिसके बाद वन विभाग के उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद बाघ को ट्रेंकुलाइज करने के पिंजरे और छह कैमरा ट्रैप लगाए हैं.

जानकारी देते हुए रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ दिगंत नायक ने बताया कि बुजुर्ग महिला की मौत के बाद बाघ को ट्रेंकुलाइज करने के लिए क्षेत्र में 6 कैमरा ट्रैप व पिंजरे लगाए गए हैं. उन्होंने बताया कि क्षेत्र में वनकर्मियों द्वारा लगातार गश्त की जा रही है और लोगों को जंगल में ना जाने की अपील की जा रही है. उन्होंने कहा कि लगातार बाघ की मॉनिटरिंग कैमरा ट्रैप और वनकर्मी गश्त के माध्यम से भी कर रहे हैं. कहा कि जल्द ही बाघ को ट्रेंकुलाइज कर लिया जाएगा.

डीएफओ ने बताया कि माह 5 नवंबर को ढिकुली गांव की रहने वाली 50 वर्षीय कौशल्या देवी पर भी बाघ ने हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी. उन्होंने कहा कि रिंगोडा से ढिकुली की दूरी लगभग 4 से 5 किलोमीटर है. ऐसे में दोनों ही घटनाओं में एक ही बाघ है या नहीं, इसका पता करने को लेकर दोनों के सैंपल wildlife institute of india को भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि हमला करने वाला बाघ एक ही है या दोनों घटनाओं में अलग-अलग बाघ हैं.

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