BJP : यूपी से 800 करोड़ के विवाद का निकलेगा हल, धामी सरकार ने बनाया ये प्लान - Uttarakhand Highlights

BJP : यूपी से 800 करोड़ के विवाद का निकलेगा हल, धामी सरकार ने बनाया ये प्लान

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देहरादून: लखनऊ में मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थाई समिति की 16वीं बैठक आज होने जा रही है, जिसके लिए प्रदेश की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी समेत कई आईएएस अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हो रहे हैं. वैसे तो इस बैठक में कई मुद्दों पर बातचीत होनी है, लेकिन उत्तराखंड सरकार वन एवं पर्यावरण से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को भी इसमें लाने का प्रयास कर रही है. इसके तहत उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे के दौरान वन विकास निगम के अंतर्गत राज्य को मिलने वाले 177 करोड़ के मूलधन पर भी बातचीत की जाएगी. दरअसल उत्तराखंड को परिसंपत्तियों के बंटवारे के दौरान ये रकम दी जानी थी, लेकिन कई साल बीतने के बाद भी उत्तर प्रदेश ने उत्तराखंड को इसका भुगतान नहीं किया. ऐसे में इस धनराशि पर ब्याज लगने के बाद अब यह देनदारी 800 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है.

यूपी से 800 करोड़ के विवाद का निकलेगा हल: परिसंपत्तियों के बंटवारे से जुड़े इस मामले को कई बार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बड़े अधिकारियों द्वारा बातचीत में लाया जा चुका है, लेकिन इतने समय बाद भी अब तक इस पर राज्य को देनदारी का भुगतान नहीं हुआ है. ऐसे में अब धामी सरकार मध्य क्षेत्रीय परिषद में इस मामले को लाने के लिए लखनऊ में आज होने जा रही मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थाई समिति की बैठक में इस पर चर्चा करेगी. सरकार को उम्मीद है कि मध्य क्षेत्रीय परिषद में यह मामला आने के बाद सरकार को 800 करोड़ रुपए वापस मिल सकेगा.

कुछ मामलों में उत्तराखंड वन विकास निगम के पक्ष में आए निर्णय: वन विकास निगम को लेकर उत्तर प्रदेश की 800 करोड़ की देनदारी मामले पर रोचक बात ये रही कि पिछले दिनों इनकम टैक्स ने भी राज्य को मिलने वाली इस राशि पर करीब 98 करोड़ का टैक्स वसूल कर लिया. दरअसल इस राशि पर टैक्स को लेकर इनकम टैक्स ने उत्तर प्रदेश के अफसरों से संपर्क किया तो उन्होंने यह राशि उत्तराखंड की बता दी, जिसके बाद इनकम टैक्स में उत्तराखंड निगम से 98 करोड़ का टैक्स ले लिया. हालांकि राज्य द्वारा इस पर स्थिति स्पष्ट करने के बाद अब उत्तराखंड वन विकास निगम इससे जुड़े लखनऊ ट्रिब्यूनल में मामला लड़ रहा है, जिसमें कुछ मामलों में उत्तराखंड वन विकास निगम के पक्ष में निर्णय आए हैं.

दून वैली इको सेंसेटिव जोन से जुड़ा है पहला बिंदु: मध्य क्षेत्रीय परिषद में उत्तराखंड की तरफ से चर्चा का पहला बिंदु दून वैली इको सेंसेटिव जोन से जुड़ा है, जिसमें उत्तराखंड दून वैली क्षेत्र जो कि गंगा और यमुना के मध्य का इलाका है, जिसमें विशेष रियायत चाहता है. पूर्व में इको सेंसेटिव को लेकर हुए नोटिफिकेशन में कई तरह की बाध्यताएं इस क्षेत्र में लगा दी गई थी, जिसमें समय-समय पर कुछ छूट भी दी गई, लेकिन सरकार मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में इस मुद्दे को लाकर ऐसे छोटे उद्योगों को भी लगाए जाने की परमिशन चाहती है, जिससे पर्यावरण को ज्यादा नुकसान नहीं होता है.

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