देहरादून: विधानसभा का आगामी सत्र 26 अक्टूबर से पहले आयोजित किया जाएगा।
सरकार ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सत्र के आयोजन को लेकर चर्चा हुई
जिसमें तय किया गया कि मानसून सत्र 26 अक्टूबर से पहले बुलाया जाएगा।
हालांकि सत्र की अंतिम तारीख और स्थान पर फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सहमति के बाद होगा।
सरकार के स्तर पर सत्र की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। माना जा रहा है
कि विधानसभा का मानसून सत्र सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर के शुरुआती दिनों में आयोजित किया जा सकता है।
हालांकि, अभी सरकार की ओर से सत्र की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
मानसून सत्र में पेश होगा अनुपूरक बजट
इस बार विधानसभा सत्र में अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी भी की जा रही है।
इसके लिए वित्त विभाग ने सभी सरकारी विभागों से 18 सितंबर तक बजट प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मानसून सत्र 26 अक्टूबर से पहले कराया जाना है।
इसके लिए सरकार की ओर से तैयारियां चल रही हैं और जल्द ही सत्र के स्थान का चयन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर सभी की सहमति बनेगी, वहीं विधानसभा सत्र आयोजित होगा।
सत्र के दौरान अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत किया जाएगा।

इस बार मानसून सत्र में क्यों खास है?
धामी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का यह आखिरी मानसून सत्र होगा।
ऐसे में सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों, योजनाओं और नीतिगत विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
आमतौर पर सरकार अनुपूरक बजट को शीतकालीन सत्र में पेश करती रही है
लेकिन इस बार इसे मानसून सत्र में ही लाने की तैयारी है।
इसी वजह से वित्त विभाग ने सभी विभागों से उनके अतिरिक्त बजट प्रस्ताव मांगे हैं।
गैरसैंण में सत्र होने की संभावना
पिछले वर्ष विधानसभा का मानसून सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में आयोजित किया गया था।
इस वजह से इस बार भी गैरसैंण में सत्र आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, अभी स्थान को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
सरकार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद सत्र के आयोजन स्थल का फैसला करेगी।
2027 चुनाव से पहले सियासी संदेश देने की तैयारी?
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
ऐसे में गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
भराड़ीसैंण में सत्र के जरिए सरकार पहाड़
और राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी को लेकर जनता के बीच बड़ा संदेश देने की कोशिश कर सकती है।
फिलहाल सरकार की प्राथमिकता सत्र की तारीख
और स्थान तय करने के साथ अनुपूरक बजट से जुड़े प्रस्तावों को अंतिम रूप देना है।
![]()
