Uttarakhand BJP : की चुनाव प्रबंधन समिति का गठन, जानिए किसको क्या जिम्मेदारी मिली - Uttarakhand Highlights

Uttarakhand BJP : की चुनाव प्रबंधन समिति का गठन, जानिए किसको क्या जिम्मेदारी मिली

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देहरादून: उत्तराखंड में निकाय चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया पूरा हो चुकी है. सभी प्रत्याशी अपना-अपना नामांकन कर चुके है. नामांकन के बाद अब राजनीतिक पार्टियां और प्रत्याशी पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतर रहे है. इसी क्रम में आज मंगलवार 31 दिसंबर को बीजेपी ने प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति का गठन किया. वहीं देहरादून में बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में हर वार्ड, पालिका और निगम में भाजपा का परचम लहराने की रणनीति तैयार की गई.

14 नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी: बैठक के बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के निर्देश पर सभी 100 चुनावी निकायों की संचालन समिति से समन्वय के लिए यह चुनाव प्रबंधन समिति बनाई गई है. जिसमें बतौर संयोजक प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सहसंयोजक प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, शैलेंद्र चौधरी और राजेंद्र बिष्ट समेत कुल 14 शीर्ष पदाधिकारी शामिल हैं.

इन नेताओं को दी गई चुनाव की कमान: इसी क्रम में प्रचार और सभाओं के प्रमुख आदित्य कोठारी, सह प्रमुख सीताराम भट्ट, हिमांशु संगतानी, प्रचार सामग्री व साहित्य वितरण प्रमुख कौस्तुभा नंद जोशी, सह प्रमुख राजेंद्र ढिल्लो, जगमोहन चंद, मीडिया विभाग प्रमुख मनवीर सिंह चौहान, सह प्रमुख राजेंद्र नेगी, मानिक निधि शर्मा, कुंवर जपेंद्र, प्रचार सामग्री और साहित्य निर्माण प्रमुख डॉ देवेंद्र भसीन, सह प्रमुख अभिमन्यु कुमार, ओ पी कुलश्रेष्ठ, मीरा रतूड़ी, चुनाव कार्यालय प्रमुख मुकेश कोली, हरीश डोरा, लच्छू गुप्ता,आशीष रावत, विपुल मेंदोली, संवाद केंद्र प्रमुख प्रवीण लेखवार, सत्यवीर चौहान, सोशल मीडिया प्रमुख नवीन ठाकुर सह प्रमुख गंधार अग्रवाल, कुलदीप रावत, करुण दत्ता, युवा प्रमुख शशांक रावत, महिला सम्पर्क प्रमुख आशा नौटियाल, सह प्रमुख गीता रावत, भावना मेहरा, वार्ड और बूथ स्तर के कार्य प्रमुख राजेंद्र बिष्ट, सह प्रमुख मधु भट्ट, यशपाल नेगी, विशाल गुप्ता, एससी संपर्क प्रमुख समीर आर्य, दर्पण कुमार, ऋषिपाल, हिसाब किताब प्रमुख पुनीत मित्तल, सह प्रमुख साकेत अग्रवाल, प्रशासनिक कार्य व चुनाव आयोग से संपर्क प्रमुख राजीव शर्मा बंटू, सह प्रमुख पुरुषोत्तम कंडवाल, प्रभात बिष्ट को प्रमुख रूप से जिम्मेदारी दी गई है.

केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां बनेगी जीत का कारण: चुनाव प्रबंधन समिति की इस पहली बैठक में प्रदेश महामंत्री अजेय कुमार ने सभी सदस्यों की भूमिका और जिम्मेदारी को लेकर आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने लक्ष्य स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रत्येक वार्ड, नगर पंचायत, नगरपालिका और निगमों पर भाजपा का परचम लहराना है. जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनजन के बीच पहुंचना है.

पार्टी नेताओं को दिए गए निर्देश: प्रदेश महामंत्री अजेय कुमार ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को बताया कि उनके पास पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा प्रदेश में मुख्यमंत्री धामी का लोकप्रिय चेहरा है, जिस पर सवा करोड़ देवभूमिवासी भरोसा करते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी जिलों में निकायों के संदर्भ में चुनाव संचालन समिति बना दी गई है, जिनमें समन्वय और चुनाव अभियान के प्रबंधन का काम सबको मिलकर करना है.

इन नेताओं के ऊपर चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी: सभी कार्यकर्ताओं को नेताओं को कहा गया है कि उन्हें अपने-अपने वर्गों में कार्यक्रमों का आयोजन करना है. ताकि सर्व समाज भाजपा के पक्ष में एकजुट हों. प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अतिरिक्त बीजेपी के सभी पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम और सह प्रभारी रेखा वर्मा पार्टी प्रत्याशियों की पक्ष में चुनाव प्रचार करने वाले हैं.

वहीं, सभी सांसद अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले निगमों, निकायों एवं नगर पंचायतों के चुनाव अभियान में शामिल होंगे और इसी क्रम में विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि काम करेंगे. अभी नाम वापिसी तक का समय हमारे पास है, लिहाजा उससे पहले सभी के लिए उनकी सभाओं एवं कार्यक्रमों को लेकर रणनीति को अंतिम रूप देना है. .

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संगठन सर्वोपरि को ध्यान में रखते हुए सभी को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान सुनिश्चित करना है. पार्टी का निर्णय अंतिम और सामूहिक जिम्मेदारी से लिया जाता है. लिहाजा पार्टी को शत प्रतिशत विजय बनाने के लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ने का समय आ गया है.

उन्होंने बूथ प्रबंधन को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि निकाय में किए सरकार के कार्यों को बूथों तक ले जाना है. बूथों पर जाकर नए वोटरों से संवाद करना है और जो वोटर जिलों से बाहर रहते हैं, उनसे भी संपर्क करना है. दरअसल बीजेपी का मकसद मतदान प्रतिशत बढ़ाना भी होना चाहिए. इसी तरह स्थानीय मुद्दों का चिन्हीकरण, वोटर लिस्ट, चुनाव सामग्री की चिंता भी हमे करनी है. इसी तरह है, लाभार्थियों और समाज के विशिष्ठ वर्ग से संवाद कर पार्टी के पक्ष में करने का प्रयास हमे करना है.

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