हरिद्वार बैरागी कैंप के 13 परिवारों को पक्का घर, संस्था ने दी 3 लाख की मदद - Uttarakhand Highlights

हरिद्वार बैरागी कैंप के 13 परिवारों को पक्का घर, संस्था ने दी 3 लाख की मदद

Rain Water Harvesting

हरिद्वार: बैरागी कैंप में लंबे समय से झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत की खबर है।

सामाजिक संस्था निस्वार्थ कदम की पहल से 50 परिवारों को पक्के मकान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

पहले चरण में 13 परिवारों को मकान के लिए तीन-तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।

इन परिवारों को फ्लैट की चाबी भी मिल चुकी है और जल्द ही नए घर में गृह प्रवेश किया जाएगा।

संस्था के मुताबिक, बाकी परिवारों की जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भी तीन-तीन लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

संस्था पिछले करीब 10 वर्षों से बैरागी कैंप में रहने वाले जरूरतमंद लोगों की मदद कर रही है।

कुंभ की जमीन पर झुग्गियों में रहने को मजबूर परिवार

बैरागी कैंप की जमीन कुंभ मेले के लिए आरक्षित है और यह सिंचाई विभाग के अधीन आती है।

यहां लंबे समय से कई परिवार झुग्गी-झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं।

इन परिवारों को बिजली, पेयजल और जलभराव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

बड़े धार्मिक या अन्य आयोजनों के दौरान अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होने से इन परिवारों के सामने अपनी झुग्गियां उजड़ने का खतरा भी बना रहता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्के घर का रास्ता

निस्वार्थ कदम संस्था के सदस्य रोहित वर्मा ने बताया कि संस्था के प्रमुख प्रमोद राघव पिछले करीब

25 वर्षों से गरीब और वंचित वर्ग के लोगों की सहायता कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बैरागी कैंप में रहने वाले परिवारों को स्थायी आवास दिलाने के लिए प्रशासन और सरकार से भी बातचीत की गई।

चूंकि कैंप की जमीन सिंचाई विभाग के अधीन है, इसलिए वहीं मकान बनाना संभव नहीं था।

इसके बाद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी दी गई

और योजना का लाभ दिलाने के प्रयास शुरू किए गए।

छह लाख रुपये के फ्लैट में संस्था ने की तीन लाख की मदद

बताया गया कि अन्नैकी हेतमपुर गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट बनाए जा रहे हैं।

प्रत्येक फ्लैट की लागत करीब छह लाख रुपये है। इसमें लाभार्थी को लगभग तीन लाख रुपये का योगदान करना होता है

जबकि शेष तीन लाख रुपये सरकार की ओर से सब्सिडी के रूप में दिए जाते हैं।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए तीन लाख रुपये जुटाना आसान नहीं था।

इसी को देखते हुए संस्था ने लाभार्थियों की आर्थिक मदद करने का फैसला लिया।

फिलहाल 13 परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये दिए जा चुके हैं।

50 परिवारों को पक्की छत देने का लक्ष्य

रोहित वर्मा के अनुसार, संस्था का उद्देश्य केवल जरूरतमंदों को राशन या भोजन उपलब्ध कराना नहीं है।

कोशिश यह है कि ऐसे परिवारों को स्थायी सहारा मिले और वे सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी सकें।

संस्था ने इस चरण में बैरागी कैंप के 50 परिवारों को पक्के मकान तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

पहले चरण में 13 परिवारों का सपना पूरा हो चुका है, जबकि बाकी परिवारों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

‘कभी नहीं सोचा था कि अपना पक्का घर होगा’

झुग्गी में रहने वाली प्रियंका ने संस्था का आभार जताया। उन्होंने बताया

कि उनकी बस्ती के 13 परिवारों को मकान दिलाने में संस्था ने बड़ी मदद की है।

उनके अनुसार, फ्लैट की कुल कीमत करीब छह लाख रुपये है

और संस्था ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई है।

प्रियंका ने कहा कि अपने नाम का पक्का घर मिलना उनके लिए खुशी की बात है।

उन्होंने बताया कि फ्लैट की चाबी मिल चुकी है और जल्द ही परिवार नए घर में गृह प्रवेश करेगा।

 

ये भी पढ़े : https://uttarakhandhighlights.com/uttarakhand-monsoon-session-before-26-october-gairsain/

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *