रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में गश्त के दौरान एक दैनिक श्रमिक पर बाघ ने हमला कर दिया. हमले में श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद साथी कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाघ के चंगुल से छुड़ाया, फिर उपचार के लिए रामनगर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया.
जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने घायल श्रमिक को हायर सेंटर रेफर कर दिया. घटना की जानकारी मिलने के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक राहुल मिश्रा और पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह भी अस्पताल पहुंचे. जहां उन्होंने घायल श्रमिक और उसके परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली.
चानक बाघ ने पीतांबर पर किया हमला: जानकारी के मुताबिक, सोमवार यानी 20 जुलाई की शाम को सुंदरखाल निवासी 32 वर्षीय पीतांबर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सर्पदुली रेंज में तीन अन्य कर्मचारियों के साथ गश्त पर था. इसी दौरान जंगल में अचानक सामने आए बाघ ने पीतांबर पर हमला बोल दिया.
ले और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव: अस्पताल के डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया. बाघ के हमले में पीतांबर के गले और शरीर के अन्य हिस्सों पर नाखून के गहरे घाव बताए जा रहे हैं. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है.
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक और पार्क वार्डन ने घायल का जाना हाल: वहीं, घटना की जानकारी मिलने पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक राहुल मिश्रा और पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह अस्पताल पहुंचे. जहां उन्होंने घायल पीतांबर और उसके परिजनों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली. साथ ही मदद का आश्वासन भी दिया.
“घायल कर्मचारी की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है. विभाग की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है.“- राहुल मिश्रा, उप निदेशक, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व
उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे शिकारी जानवरों के हमले: बता दें कि उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव के संघर्ष के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. आए दिन कहीं न कहीं से गुलदार, बाघ, भालू, जंगली सुअर आदि के हमले की घटनाएं सामने आ रही है. जिसमें कई लोग घायल हो चुके हैं, तो कई अपनी जान भी गंवा चुके हैं.