मूलरूप से हल्द्वानी के रहने वाले वरिष्ठ चिकित्सक की तैनाती रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में हैं। तबादले के लिए उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजा। इसमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एलर्जिक अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, स्पॉन्डिलाइटिस, आंखों की समस्या, पेनक्रियाज संबंधी परेशानी और गर्दन की गंभीर बीमारी समेत कई अन्य रोगों का हवाला देते हुए चिकित्सक ने लिखा कि उन्हें रोजमर्रा के कामकाज में भी दिक्कत हो रही है। उनका परिवार हल्द्वानी में रहता है इसलिए उनका तबादला वहीं के मेडिकल कॉलेज में कर दिया जाए।
प्रार्थनापत्र मिलने पर मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि चिकित्सक वास्तव में इतनी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है तो तबादले से पहले उसकी चिकित्सकीय स्थिति की जांच की जानी जरूरी है। यह भी कह दिया कि यदि प्रार्थना पत्र में लिखी बातें झूठी मिलीं तो चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
लोग ले रहे चटकारे
स्वास्थ्य विभाग के गलियारों में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि ट्रांसफर पाने के लिए भेजी गई अर्जी आखिर कैसे डॉक्टर के लिए ही मेडिकल टेस्ट का कारण बन गई। विभागीय कर्मचारी चटकारे लेते हुए कह रहे हैं कि तबादले की फाइल चली थी लेकिन जांच समिति के पास पहुंच गई।
भविष्य में बीमारी के आधार पर आने वाले हर आवेदन की जांच उच्चस्तरीय समिति करेगी। जांच में दावे सही पाए गए तो प्रक्रिया आगे बढ़ेगी लेकिन गलत जानकारी मिलने पर कार्रवाई भी हो सकती है।
– डॉ. अजय आर्या, निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य, देहरादून