रुड़की (हरिद्वार) : उत्तराखंड में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एसटीएफ
(STF) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की कार्रवाई लगातार जारी है।
इसी कड़ी में हरिद्वार जिले में प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल की तस्करी से जुड़े मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान फारूख पुत्र महबूब, निवासी भारापुर गांव, थाना बहादराबाद के रूप में हुई है।
आरोपी पर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई में शामिल होने का आरोप है।
18 हजार ट्रामाडोल कैप्सूल की बरामदगी से जुड़ा है मामला
पुलिस के अनुसार, मई 2026 में एसटीएफ/एएनटीएफ और मंगलौर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए
18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए थे। इस मामले में मंगलौर कोतवाली में एनडीपीएस
एक्ट की धारा 8/22/29/60 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच एसटीएफ देहरादून को सौंपी गई थी।
बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों से खुली आरोपी की भूमिका
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों के लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
इसमें पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी अंकित कुमार प्रजापति निवासी मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) की भूमिका सामने आई।
जांच में पता चला कि वह जनवरी 2026 से सह-आरोपी सचिन मनिहाल से ट्रामाडोल कैप्सूल लेकर
हरिद्वार और आसपास के इलाकों में सप्लाई कर रहा था।
पुलिस जांच के मुताबिक, प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री से मिलने वाली रकम में से कमीशन काटकर बाकी पैसा संबंधित आरोपियों तक नकद
और बैंक खातों के जरिए पहुंचाया जाता था। इस पूरे नेटवर्क में सलमान और उसके साथी फारूख की भूमिका भी सामने आई है।
प्रतिबंधित कैप्सूल की सप्लाई में फारूख की भूमिका
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि फारूख अपने अन्य साथियों के साथ
SPASMORE (ट्रामाडोल कैप्सूल) की अवैध सप्लाई में शामिल था।
मई में हुई 18 हजार कैप्सूल की बरामदगी से जुड़े मामले में भी उसकी भूमिका के साक्ष्य मिले हैं।
इसके बाद एसटीएफ ने उपलब्ध बैंकिंग रिकॉर्ड, तकनीकी जानकारी
और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फारूख को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी एसटीएफ
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के मुताबिक, इस मामले में नशे की दवाओं की संगठित तरीके से तस्करी किए जाने के संकेत मिले हैं।
टीम गिरफ्तार आरोपी के पुराने और नए संपर्कों, आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान संगठित अपराध के साक्ष्य सामने आने पर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 भी जोड़ी गई है।
एसटीएफ का कहना है कि तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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