Uttarakhand Roadways: दिल्ली में 200 बसें प्रभावित, नई BS-6 बसें आएंगी - Uttarakhand Highlights

Uttarakhand Roadways: दिल्ली में 200 बसें प्रभावित, नई BS-6 बसें आएंगी

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देहरादून: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लागू किए गए नए वाहन नियमों का असर

अब उत्तराखंड परिवहन निगम पर भी दिखाई देने लगा है।

एक नवंबर से दिल्ली में केवल निर्धारित उत्सर्जन मानकों को पूरा करने वाले वाहनों को प्रवेश की

अनुमति मिलने के चलते उत्तराखंड रोडवेज की करीब 200 बसों का संचालन प्रभावित हुआ है।

इससे दिल्ली जाने वाले यात्रियों के सामने परिवहन सुविधा को लेकर चुनौती खड़ी हो सकती है।

हालांकि, यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए राज्य सरकार ने वैकल्पिक इंतजाम शुरू कर दिए हैं।

परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के मुताबिक, दिल्ली रूट पर 200 नई BS-6 श्रेणी की बसें संचालित करने की योजना बनाई जा रही है।

सरकार की कोशिश है कि अगले महीने तक बसों की खरीद प्रक्रिया पूरी कर उनकी आपूर्ति शुरू कर दी जाए।

दिल्ली रूट पर उतरेंगी 200 नई BS-6 बसें

दिल्ली में नए प्रदूषण नियंत्रण नियम लागू होने के बाद

उत्तराखंड परिवहन निगम ने प्रभावित बसों को दूसरे मार्गों पर भेजना शुरू कर दिया है।

इनकी जगह नई BS-6 बसों को दिल्ली रूट पर चलाने की तैयारी है।

परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने बताया कि यात्रियों की संख्या और बसों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए

अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर निजी बस संचालकों से अनुबंध करके बसें ली जा सकती हैं।

इसमें वॉल्वो, मर्सिडीज और अन्य निजी ऑपरेटरों की सेवाएं शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है।

दिल्ली-देहरादून रूट पर बढ़ेंगे वॉल्वो बसों के फेरे

दिल्ली और देहरादून के बीच सफर करने वाले यात्रियों को राहत देने के

लिए वॉल्वो बसों की अतिरिक्त सेवाएं शुरू करने की योजना है।

शुरुआत में छह वॉल्वो बसों के अतिरिक्त फेरे लगाए जाएंगे।

यदि यात्रियों की मांग बढ़ती है तो निगम अपनी सभी 13 वॉल्वो बसों के फेरे

बढ़ाकर लगभग 26 अतिरिक्त सेवाएं संचालित कर सकता है।

वहीं, दिल्ली में प्रवेश नहीं कर पाने वाली वॉल्वो बसों को आगरा, लखनऊ, चंडीगढ़ और नेपाल रूट सहित दूसरे मार्गों पर लगाने की योजना है।

इसके साथ ही निगम अपनी वॉल्वो बसों के नवीनीकरण पर भी काम कर रहा है

जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

पहाड़ों में छोटी बसें चलाने की तैयारी

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए परिवहन निगम छोटी बसें चलाने की योजना बना रहा है।

पहाड़ों की संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और दुर्गम रास्ते बड़ी बसों के संचालन में परेशानी पैदा करते हैं।

ऐसे में छोटी बसें दूरस्थ गांवों और कस्बों तक परिवहन सुविधा पहुंचाने में मददगार हो सकती हैं।

इससे पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आवाजाही आसान बनाने का प्रयास किया जाएगा।

त्योहारी सीजन में यात्रियों को मिलेगी अतिरिक्त बसों की सुविधा

त्योहारी सीजन के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिवहन निगम प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसें लगाने की तैयारी कर रहा है।

निगम प्रबंधन और कर्मचारी यूनियनों के बीच हुई बैठक के बाद हड़ताल से जुड़ा विवाद भी समाप्त होने की जानकारी दी गई है।

अब निगम का जोर बसों का नियमित संचालन बनाए रखने और यात्रियों को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने पर है।

रोडवेज की ई-टिकटिंग व्यवस्था में होगा बदलाव

उत्तराखंड परिवहन निगम अपनी ई-टिकटिंग प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है।

इसके लिए नई तकनीक और बेहतर सॉफ्टवेयर वाली टिकट मशीनें खरीदने की टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।

नई मशीनों के माध्यम से टिकट जारी होते ही उसका विवरण सीधे निगम मुख्यालय तक पहुंच सकेगा।

इसके अलावा मुख्यालय से बसों की लाइव लोकेशन, रास्ते में रुकने की अवधि

और डीजल भरवाने से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी।

इस व्यवस्था से टिकटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने

और राजस्व में होने वाली अनियमितताओं को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष भी रखा जाएगा।

उत्तराखंड को मिलेंगी 130 और इलेक्ट्रिक बसें

परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के अनुसार, उत्तराखंड परिवहन निगम को 60 इलेक्ट्रिक बसें मिल चुकी हैं।

मुख्यमंत्री से समय मिलने के बाद इन बसों को हरी झंडी दिखाकर सड़कों पर उतारने की योजना है।

ये इलेक्ट्रिक बसें हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की में सिटी बस सेवा के रूप में संचालित की जाएंगी।

इसके अतिरिक्त राज्य को 130 और इलेक्ट्रिक बसें मिलने की उम्मीद है।

इससे शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के साथ प्रदूषण कम करने की दिशा में भी मदद मिलेगी।

उत्तराखंड रोडवेज की 200 बसें दिल्ली के नए नियमों से प्रभावित

आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड परिवहन निगम की रोजाना करीब 934 बसें विभिन्न मार्गों पर संचालित होती हैं।

इनमें लगभग 400 बसें दिल्ली आने-जाने वाले रूटों पर चलती हैं।

दिल्ली के नए नियमों के कारण इनमें से करीब 200 बसों का संचालन प्रभावित हुआ है।

प्रभावित वाहनों में 12 वॉल्वो बसें भी शामिल बताई गई हैं।

ऐसे में अब सरकार और परिवहन निगम के सामने दिल्ली रूट पर यात्रियों की

सुविधा बनाए रखने के साथ बसों के बेड़े को आधुनिक बनाने की चुनौती है।

नई BS-6 और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से आने वाले समय में परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

 

 

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