Pradeep Rawat : 'गजनी' विलेन प्रदीप रावत का कैंसर से निधन, फिल्म इंडस्ट्री में छाया मातम - Uttarakhand Highlights

Pradeep Rawat : ‘गजनी’ विलेन प्रदीप रावत का कैंसर से निधन, फिल्म इंडस्ट्री में छाया मातम

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 इंडियन सिनेमा से एक बार फिर रुला देने वाली खबर आई है. लगान और गजनी जैसी मेगा-ब्लॉकबस्टर फिल्मों में अपनी अदायगी से दिल जीतने वाले एक्टर प्रदीप रावत का कैंसर से निधन हो गया है.

उन्होंने 74 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. प्रदीप ना सिर्फ बॉलीवुड बल्कि साउथ सिनेमा में भी उतने ही पॉपुलर थे, जितने की हिंदी सिनेमा में.

प्रदीप ने फिल्मी करियर में ज्यादातर विलेन के ही रोल प्ले किए और साथ की कई फिल्मों में उन्होंने अपनी कॉमेडी से हंसाया भी था.

प्रदीप रावत का निधन इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ा लॉस है. प्रदीप के निधन से ना सिर्फ बॉलीवुड बल्कि पूरी साउथ फिल्म इंडस्ट्री में भी मातम छा गया है.

रावत के मैनेजर सिद्धार्थ आर तिवारी ने बताया कि अभिनेता को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में करीब एक महीने तक भर्ती रखा गया था,

जिसके बाद उन्हें भिवंडी के कैंसर अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया गया. उनके परिवार में उनकी पत्नी कल्याणी रावत और बेटे विक्रमादित्य रावत हैं.

उनकी मौत की खबर से फिल्म जगत और प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई.

रावत के साथ काम कर चुके अभिनेताओं ने उन्हें न केवल उनकी दमदार उपस्थिति के लिए, बल्कि सहकर्मियों के प्रति उनके स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए भी याद किया.

‘लगान’ में रावत के सह-कलाकार और लंबे समय से मित्र रहे यशपाल शर्मा श्रद्धांजलि देने वालों में सबसे पहले थे.

अपना दुख व्यक्त करते हुए शर्मा ने लिखा, ‘प्रदीप रावत, ‘लगान’ के हमारे गजनी देवा. आपकी आत्मा को शांति मिले.

अभिनेता गजेंद्र चौहान ने भी अपने पूर्व सहकर्मी के निधन पर शोक व्यक्त किया.

रावत के शुरुआती टेलीविजन कार्यों को याद करते हुए उन्होंने लिखा, ‘ओम शांति ओम शांति!

हमारे मित्र और सहकर्मी प्रदीप रावत, जिन्होंने महाभारत में अश्वत्थामा की भूमिका निभाई थी, का देहांत हो गया’.

 

ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने भी शोक व्यक्त किया. एक बयान में, एआईसीडब्ल्यूए ने रावत को उनकी “दमदार स्क्रीन उपस्थिति” और उनके अविस्मरणीय खलनायक किरदारों के लिए याद किया.

एसोसिएशन ने कहा, “भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय अभिनय और अपार योगदान को फिल्म प्रेमियों की पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी और संजोकर रखेंगी.”

रावत का करियर तीन दशकों से अधिक लंबा था और उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम सिनेमा में काम किया था. हालांकि उन्हें नकारात्मक किरदारों से बड़ी पहचान मिली

लेकिन उनके करियर की शुरुआत टेलीविजन से हुई थी. बीआर चोपड़ा की मशहूर टीवी शो महाभारत में अश्वत्थामा के किरदार से वे भारतीय घरों में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए.

उन्होंने 1985 में फिल्म ‘मेरी जंग’ से हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया,

जिसमें उन्होंने एक पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका निभाई थी.

बाद में वे ‘समुंदर’ और ‘अग्निपथ’ जैसी फिल्मों में दिखाई दिए और धीरे-धीरे ऐसे किरदारों के लिए पॉपुलर हुए.

आमिर खान के साथ उनके जुड़ाव ने उन्हें कुछ सबसे यादगार भूमिकाएं दीं. ‘सरफरोश’ (1999) में उन्होंने सुल्तान की भूमिका निभाई, जो एक प्रमुख गुंडा था

दो साल बाद, वे ‘लगान’ में देवा सिंह सोढ़ी के रूप में दिखाई दिए, जो उन ग्रामीणों में से एक था जो अंग्रेजों के खिलाफ भुवन की क्रिकेट टीम के मैच में शामिल होता है.

रावत ने आमिर खान अभिनीत 2008 की ब्लॉकबस्टर फिल्म गजनी में खलनायक गजनी धर्मात्मा की भूमिका निभाई.

यह भूमिका उनके सबसे यादगार प्रदर्शनों में से एक बन गई और भारतीय सिनेमा के यादगार खलनायकों में से एक के रूप में उनकी छवि को मजबूत किया.

उनका काम हिंदी सिनेमा तक ही सीमित नहीं था.

रावत ने तेलुगु फिल्मों में प्रमुखता से अभिनय किया और तमिल, कन्नड़ और मलयालम परियोजनाओं में भी काम किया.

उनकी फिल्मोग्राफी में सई, नायक, स्टालिन, वीरम, 1: नेनोक्कडाइन, लोक्यम, नेनु शैलजा, सर्रेनोडु, नेने राजू नेने मंत्री, आयिरथिल इरुवर, मार्केट राजा एमबीबीएस और मिस मैच शामिल हैं.

उनके सबसे हालिया काम में विक्की कौशल-स्टारर छावा शामिल है, जिसमें उन्होंने येसाजी कंक का किरदार निभाया था.

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