Haridwar News : धीमी रहेगी कांवड़ियों की रफ्तार ,चार अगस्त के बाद उमड़ेगा सैलाब, जानिए क्यों शुरू नहीं करते पंचक में कांवड़

रिद्वार: सावन कांवड़ मेले में इस बार पंचक का प्रभाव भी साफ दिखाई दे रहा है. हरकी पैड़ी और अन्य गंगाघाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है, लेकिन बड़ी संख्या में कांवड़िए पंचक समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि पंचक लगने के कारण कांवड़ यात्रा की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है, जबकि पंचक समाप्त होते ही शिवभक्तों का बड़ा सैलाब हरिद्वार पहुंचेगा.

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वहीं पुलिस प्रशासन भी पंचकों के अनुसार कांवड़ मेले की व्यवस्थाएं कर रहा है. अधिकारियों का मानना है कि पंचक समाप्त होते ही हरिद्वार में भीड़ का दबाव बढ़ेगा और उसी के अनुसार प्लान बनाया गया है. ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार 31 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 8 मिनट से पंचक प्रारंभ हो रहे हैं, जो चार अगस्त को करीब 9 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होंगे. उन्होंने कहा कि सावन कृष्ण पक्ष में आने वाले पंचक का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है.

शास्त्रों के अनुसार पंचक काल में दक्षिण दिशा की यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता. इसके साथ ही काष्ठ यानी लकड़ी से जुड़े कार्यों से भी परहेज करने की सलाह दी गई है. कांवड़ मुख्य रूप से बांस से बनाई जाती है, जो काष्ठ का ही एक रूप है. इसी कारण अनेक श्रद्धालु पंचक के दौरान नई कांवड़ उठाने से बचते हैं. धार्मिक मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति पंचक में पहली बार कांवड़ उठाता है तो उसे पांच बार कांवड़ यात्रा करने का संकल्प पूरा करना पड़ता है. यही वजह है कि कई शिवभक्त पंचक समाप्त होने के बाद ही हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल लेने की योजना बनाते हैं.
-पंडित मनोज त्रिपाठी, ज्योतिषाचार्य-

वहीं पंडित त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई श्रद्धालु पंचक शुरू होने से पहले कांवड़ यात्रा पर निकल चुका है और यात्रा के दौरान पंचक लग जाते हैं, तो इसे अशुभ नहीं माना जाता. ऐसे श्रद्धालुओं की यात्रा बिना किसी बाधा के जारी रह सकती है और उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है.

कांवड़ मेले के दौरान पुलिस प्रशासन भी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है. अधिकारियों का अनुमान है कि पंचक समाप्त होने के बाद लाखों की संख्या में शिवभक्त हरिद्वार पहुंचेंगे, जिससे हरकी पैड़ी, प्रमुख गंगाघाटों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर श्रद्धालुओं का दबाव काफी बढ़ जाएगा. इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है.

चार अगस्त को पंचक समाप्त होते ही हरिद्वार आने वाले शिवभक्तों की भीड़ बढ़ेगी. उसी के अनुसार यातायात प्लान और मैनेजमेंट को चरणबद्ध तरीके से प्लान किया गया है. तीन चरणों में कांवड़ की योजना बनाई गई है. पहले चरण में पैदल कांवड़िए चल रहे हैं. दूसरे चरण में चार अगस्त से वाहनों की संख्या बढ़ेगी. दूसरे चरण में महाशिवरात्रि से पहले डाक कांवड़ियों का आगमन होगा, उसी के अनुसार पार्किंग और डायवर्जन प्लान बनाया जाएगा.
-अभय सिंह, एसपी सिटी हरिद्वार-

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