मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब तक 32 लाख तीर्थयात्री चारधाम यात्रा चुके हैं। आदि कैलाश यात्रा में भी करीब 40 लाख यात्री पहुंचे हैं। हमारे यहां आस्था और श्रद्धा का एक बड़ा संगम दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में हमारी कांवड़ यात्रा भी शुरू होने वाली है। हम इसकी भी तैयारी कर रहे हैं। हमारे यहां कुंभ मेला भी होने वाला है।
यात्रा का दूसरा चरण चुनौतीपूर्ण
सीएम ने कहा, अब यात्रा दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां मानसून एवं प्रतिकूल मौसम प्रमुख चुनौती होगा। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को और अधिक सतर्कता, नियंत्रण तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं से प्राप्त फीडबैक, शिकायतों एवं सुझावों की दैनिक समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एंबुलेंस, राहत-बचाव उपकरणों की अग्रिम व्यवस्था की जाए।
आयुक्त व आईजी करेंगे नियमित समीक्षा
मुख्यमंत्री ने गढ़वाल आयुक्त व आईजी गढ़वाल को चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के साथ श्रद्धालुओं व स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों को यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करेंगे। यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट व ढाबों में मूल्य सूची को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
यात्रा मार्गों पर स्वच्छता को प्राथमिकता
बैठक में मुख्यमंत्री ने चारधाम व पैदल यात्रा मार्गों पर स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। कहा, गंभीर मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेली एंबुलेंस सेवा के लिए राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। केदारनाथ पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में शेड स्थापित करने व वर्षा, धूप से बचाव की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।