Uttarakhand : कूड़ा गाड़ी में बजेगा 38वें नेशनल गेम्स का एंथम, सभी 13 जिलों में होगा प्रचार, ये है प्लानिंग

देहरादून: उत्तराखंड में आयोजित होने जा रहे राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां जोरों- शोरों से चल रही हैं. इसके साथ ही खेल विभाग, प्रचार प्रसार के हर माध्यमों के जरिए राष्ट्रीय खेलों की ओर लोगों का रूझान बढ़ाने में लगा हुआ है. इसी कड़ी में 23 दिसंबर 2024 को देहरादून के राजीव गांधी स्टेडियम से तीन सजे-धजे प्रचार वाहनों को रवाना किया गया था. साथ ही 26 दिसंबर 2024 को हल्द्वानी के गौलापार से मशाल यात्रा भी शुरू की गई. वहीं, अब खेल विभाग ने राष्ट्रीय खेलों में एंथम का प्रचार-प्रसार कूड़ा उठाने वाली गाड़ी से करने का निर्णय लिया है.

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उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेल का आयोजन 28 जनवरी से 14 फरवरी 2025 के बीच होना है. राष्ट्रीय खेलों में 36 तरह के खेलों को शामिल किया गया है. जिसमें योगासन भी शामिल है. राष्ट्रीय खेलों को लेकर 15 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खेलों की जर्सी, मस्कट, लोगो और एंथम को लॉन्च किया था. जिसके बाद ही राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां तेज हो गई हैं. ऐसे में अब राष्ट्रीय खेलों के प्रचार प्रसार के लिए तमाम माध्यमों के साथ ही अब कूड़ा उठाने वाली गाड़ी का भी इस्तेमाल किया जाएगा

दरअसल, राज्य सरकार जनता को नेशनल गेम्स से जोड़ने के लिए कूड़ा उठाने वाली गाड़ी का इस्तेमाल करने जा रही है. इसके लिए पूरे प्रदेश के सभी तेरह जिलों के तहसीलों, कस्बों में सफाई की गाड़ी लोगों को राष्ट्रीय खेल 2025 से जुड़ने का संदेश देगी. साथ ही कूड़ा गाड़ी पर नेशनल गेम्स का एंथम बजाया जाएगा. इसके लिए देहरादून समेत सभी जिलों के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर एक सूची मांगी जा रही है.

फिलहाल, अभी तक जो प्लानिंग की जा रही है उसमें कूड़ा वाहन पर खेल एंथम की इन लाइनों ‘आन बान शान के शौर्य का प्रमाण ले एकत्र सर्वश्रेष्ठ है मैदान में ना कोई विकल्प हो संकल्प से शिखर तक विजय गाथा लिख दे आसमान में’ को बजाया जाएगा. पहले चरण में उन जिलों में इसका प्रयोग किया जाएगा, जहां नेशनल गेम्स होने हैं. इन जिलों में देहरादून, हरिद्वार, पिथौरागढ़, उधमसिंहनगर, नैनीताल और टिहरी शामिल हैं.

विशेष खेल सचिव अमित सिन्हा ने बताया इसके जरिए प्रदेशावाशियों को राष्ट्रीय खेलों से जोड़ने का प्रयास करेंगे. प्रचार प्रसार के लिए यह एक अच्छा माध्यम बन सकता है. इसके साथ ही प्रदेश से संचालित होने वाले एफएम रेडियो की भी मदद ली जाएगी.

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