उत्तरकाशी: हिमालयी पर्यावरण को प्लास्टिक प्रदूषण से बचाने की दिशा में उत्तरकाशी की झाला ग्राम पंचायत ने बड़ा कदम उठाया है।
पर्यटन के लिए प्रसिद्ध झाला को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से पंचायत ने इसके इस्तेमाल
बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।
ग्राम प्रधान अभिषेक रौंतेला की अध्यक्षता में हुई ग्राम सभा की बैठक में
‘ग्राम पंचायत झाला ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता उपविधियां-2026’ को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
पंचायत का लक्ष्य प्लास्टिक पर रोक लगाने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को स्वच्छ और जीरो-वेस्ट मॉडल पंचायत के रूप में विकसित करना है।
घरों से लेकर होटल और होम-स्टे तक कचरे का अलगाव जरूरी
नई उपविधियां लागू होने के बाद पंचायत क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को लेकर कई नियम प्रभावी होंगे।
ग्रामीणों के घरों के अलावा दुकानों, होटल, होम-स्टे, रेस्टोरेंट
और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कचरे को शुरुआत से ही अलग-अलग रखना अनिवार्य होगा।
इसके तहत गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण करना होगा।
पंचायत का उद्देश्य कचरे के उचित निस्तारण के साथ उसके पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना है।
वहीं, खुले स्थानों पर कचरा फेंकने, सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने या प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ उपविधियों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।

पर्यटन बढ़ने के साथ पर्यावरण बचाने पर जोर
ग्राम प्रधान अभिषेक रौंतेला ने कहा कि झाला एक प्रमुख पर्यटन स्थल है
और यहां पूरे वर्ष पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता
और पर्यावरण को सुरक्षित रखना पंचायत की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि भागीरथी घाटी, प्राकृतिक जलस्रोत और संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को प्लास्टिक
और दूसरे प्रकार के प्रदूषण से बचाना पंचायत की प्राथमिकता है।
ग्राम प्रधान के मुताबिक नई उपविधियां उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम-2016
और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की गई हैं।
सिर्फ प्लास्टिक प्रतिबंध नहीं, जीरो-वेस्ट पंचायत बनाने का लक्ष्य
पंचायत का उद्देश्य केवल सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाना नहीं है।
इसके साथ कचरे के बेहतर प्रबंधन, स्वच्छता
और जनभागीदारी के जरिए झाला को प्लास्टिक मुक्त और जीरो-वेस्ट मॉडल पंचायत के तौर पर विकसित करने की योजना है।
इससे गांव में उत्पन्न होने वाले कचरे को स्रोत स्तर पर ही नियंत्रित करने
और उसके उचित निस्तारण की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
‘थैंक यू नेचर’ अभियान से भी जुड़ा है झाला
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में झाला पहले भी पहल कर चुका है।
यहां से ‘थैंक यू नेचर’ अभियान की शुरुआत हुई थी।
इस अभियान का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी किया था।
अब ग्राम पंचायत ने उसी पर्यावरणीय सोच को आगे बढ़ाते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता
और प्लास्टिक नियंत्रण को संस्थागत रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
ग्राम सभा की बैठक में उपप्रधान विशाल विश्वकर्मा के अलावा करण सिंह रौंतेला,
प्रकाश रौंतेला, भजन सिंह रावत, शिवेंद्र देवी, सुधा देवी सहित पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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