अल्मोड़ा: भैंसियाछाना ब्लॉक के छानी गांव में करीब 22 दिनों से ग्रामीणों के बीच डर का कारण बनी मादा तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में फंस गई।
तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर एनटीडी स्थित रेस्क्यू सेंटर भेज दिया।
मादा तेंदुए के पकड़े जाने के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है।
हालांकि ग्रामीणों ने इलाके में लगातार गश्त और निगरानी बनाए रखने की मांग की है।
दो दिन लगातार हुए थे तेंदुए के हमले
छानी गांव में तेंदुए की दहशत उस समय बढ़ गई थी, जब लगातार दो दिनों में दो ग्रामीणों पर हमला किया गया।
बीते माह 18 तारीख को एक ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला किया था।
इसके अगले दिन यानी 19 तारीख को भी घर से दुकान की ओर जा रहे एक अन्य ग्रामीण को मादा तेंदुए ने अपना निशाना बनाया।
हमले में ग्रामीण घायल हो गया था।
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ग्रामीणों की मदद से घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अल्मोड़ा जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी।
लगातार हुई इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया था
और लोग विशेष रूप से शाम और रात के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे थे।
पिंजरा लगाने के साथ लगाए गए ट्रैप कैमरे
ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया।
इसके अलावा तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग-अलग स्थानों पर ट्रैप कैमरे भी लगाए गए।
वन विभाग की टीम लगातार कैमरों के जरिए तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
करीब एक सप्ताह बाद पिंजरे में तेंदुए का एक शावक कैद हुआ।
वन विभाग ने शावक को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
हालांकि मादा तेंदुआ अब तक पकड़ में नहीं आने के कारण ग्रामीणों की चिंता बनी हुई थी।
रात में दहाड़ सुनकर डर रहे थे ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार रात के समय तेंदुए की दहाड़ सुनाई देने के कारण लोगों में भय बना हुआ था।
खेतों की ओर जाने और गांव के रास्तों से गुजरने के दौरान भी ग्रामीणों को तेंदुए के हमले की आशंका रहती थी।
लंबे समय से ग्रामीण वन विभाग से मादा तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे थे।
आखिरकार विभाग की कोशिश रंग लाई और मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गई।
रेस्क्यू सेंटर में होगा मेडिकल परीक्षण
हवालबाग के रेंजर मोहन राम आर्या ने बताया कि तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
टीम ने तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे एनटीडी स्थित रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि रेस्क्यू सेंटर में तेंदुए का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।
इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मादा तेंदुए के पकड़े जाने के बाद छानी गांव के लोगों को बड़ी राहत मिली है।
इसके बावजूद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त और निगरानी जारी रखने की अपील की है
ताकि भविष्य में तेंदुए से जुड़ी घटनाओं को रोका जा सके।
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