हल्द्वानी: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शनिवार को उत्तराखंड आ रहे हैं. नैनीताल जिले के हल्द्वानी में उनकी 8 अगस्त को जनसभा है. खड़गे की प्रस्तावित जनसभा की तैयारियां तेज हो गई हैं. नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने रामलीला ग्राउंड पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने दावा किया कि यह रैली ऐतिहासिक होगी और 2027 विधानसभा चुनाव का राजनीतिक संदेश भी यहीं से दिया जाएगा.
शनिवार को मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में जनसभा: हल्द्वानी में शनिवार 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रस्तावित जनसभा को लेकर पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने रामलीला ग्राउंड पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे.
यशपाल आर्या को 20 हजार लोगों के आने की उम्मीद: निरीक्षण के दौरान मंच निर्माण, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल, यातायात और कार्यकर्ताओं के स्वागत सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई. पार्टी पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं, ताकि कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जा सके. मीडिया से बातचीत में यशपाल आर्या ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की यह जनसभा ऐतिहासिक साबित होगी. उन्होंने दावा किया कि रैली में 20 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी रहेगी और प्रदेशभर से कार्यकर्ता तथा कांग्रेस समर्थक हल्द्वानी पहुंचेंगे.
यशपाल आर्या ने कहा जनता बदलाव चाहती है: यशपाल आर्या ने कहा कि प्रदेश की जनता वर्तमान सरकार की नीतियों से परेशान है और बदलाव चाहती है. उनके अनुसार कांग्रेस जनता के मुद्दों को लगातार उठा रही है और आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी. उन्होंने यह भी कहा कि हल्द्वानी की यह रैली 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के अभियान की शुरुआत का संदेश देगी.
रैली को सफल बनाने के लिए कांग्रेस के जनसंपर्क अभियान: कांग्रेस संगठन का कहना है कि रैली को सफल बनाने के लिए सभी जिलों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है. कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया है. अब सभी की निगाहें शनिवार 8 अगस्त को होने वाली इस प्रस्तावित जनसभा पर टिकी हैं, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई हैं.
