अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 60 व्यापारिक पार्टनर देशों पर नये सिरे से टैरिफ लगा दिया. टैरिफ का स्लैब 10 से 12.5 परसेंट रखा गया है. भारत को 10 फीसद के कैटेगरी में रखा गया है. यह टैरिफ जबरन मजदूरी के आरोप में लगाया गया है. हाल में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा कई टैरिफों को गैर-कानूनी करार दिए जाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने ये कदम उठाया है.
अमेरिका ने गुरुवार को अपने सेक्शन 301 के तहत 60 देशों पर 10 फीसदी और 12.5 परसेंट के नए टैरिफ स्लैब पेश किए. भारत को कम 10 परसेंट टैरिफ कैटेगरी में रखा गया है. अधिकारियों ने एएनआई को बताया कि नई दिल्ली को शुरू में 12.5 परसेंट टैरिफ देना था, लेकिन लेबर प्रैक्टिस पर अच्छी बातचीत के बाद उसे कम रेट मिल गया.
यह तब हुआ जब अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) के ऑफिस ने गुरुवार को 60 देशों पर 10 परसेंट से 12.5 परसेंट तक टैरिफ लगाने का ऐलान किया. यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर किया गया एक्शन है, जिसे उन्होंने ‘जबरन मेहनत’ से बने सामान के इम्पोर्ट पर रोक लगाने के लिए नाकाफी कदम बताया.
यूएसटीआर के अनुसार भारत उन 17 देशों में से एक है जिन्हें कम 10 परसेंट टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. इस स्लैब में 17 देश शामिल हैं, जिनमें ब्रिटेन, कनाडा, इंडोनेशिया, मैक्सिको और बांग्लादेश शामिल हैं. अधिकारियों ने एएनआई को बताया कि भारत पर शुरू में 12.5 परसेंट टैरिफ लगाने पर विचार किया गया था, लेकिन लेबर प्रैक्टिस पर अमेरिका के साथ अच्छी बातचीत के बाद इसे 10 परसेंट की कैटेगरी में रखा गया.
10 फीसदी से 12.5 फीसदी तक की नई ड्यूटी भारत, ब्रिटेन, ईयू, कनाडा और जापान जैसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर पर लगेगी और शुक्रवार से लागू होगी. यह घोषणा अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के ऑफिस ने गुरुवार को की, जिसे उसने एम्बेसडर जैमीसन ग्रीर का आखिरी एक्शन बताया. ये राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर 60 देशों पर टैरिफ लगाने के लिए था, क्योंकि वे जबरन मेहनत से बने सामान के इम्पोर्ट पर रोक लगाने और उसे असरदार तरीके से लागू करने में नाकाम रहे.
