‘परीक्षा पे चर्चा’ का हिस्सा बनने को 3 लाख छात्रों ने कराया पंजीकरण, शिक्षा विभाग ने पूरी की तैयारी

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को लेकर उत्तराखंड में छात्र कितने उत्साहित हैं, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य में करीब तीन लाख छात्रों ने कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया है. यही नहीं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने वीडियो बनाकर भी प्रधानमंत्री कार्यालय तक अपने प्रश्नों को पहुंचाने का प्रयास किया है.

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हर साल की तरह इस साल भी बोर्ड परीक्षाओं से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को करने जा रहे हैं. इस कार्यक्रम का मकसद छात्र-छात्राओं में परीक्षाओं को लेकर चल रहा तनाव कम करना है. इसी कड़ी में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर के छात्रों को महत्वपूर्ण सुझाव देने जा रहे हैं. साथ ही इस दौरान छात्रों द्वारा पूछे गए सवालों का भी वह जवाब देंगे.

देशभर की तरह उत्तराखंड के छात्र-छात्राएं भी प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम को लेकर खासे उत्साहित हैं. उत्तराखंड में छात्र-छात्राओं द्वारा कार्यक्रम के लिए किए गए पंजीकरण के जरिए छात्रों के उत्साह को समझा जा सकता है. दरअसल प्रदेश में विभिन्न विद्यालयों के करीब 294123 छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण करा चुके हैं. इतना ही नहीं कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए राज्य के 32515 शिक्षकों ने भी रजिस्ट्रेशन करवाया है. जबकि 11206 अभिभावकों ने भी प्रधानमंत्री से कार्यक्रम के दौरान प्रश्न पूछने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है.

उत्तराखंड में दूरस्थ क्षेत्र के छात्र-छात्राओं ने भी प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए अपने वीडियो प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने की कोशिश की है. कई छात्रों ने अपने सवालों को वीडियो के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय तक भेजा है. उधर उत्तराखंड शिक्षा विभाग भी प्रधानमंत्री के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए तैयारी में जुटा हुआ है.

‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को लेकर उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए हैं. समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम की तैयारी को पूरा करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रत्येक छात्र प्रधानमंत्री के सुझावों को देख सके, इसके लिए विभिन्न विद्यालयों में लाइव प्रसारण को अनिवार्य रूप से किए जाने के लिए कहा गया है. कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्राओं के अलावा शिक्षक और अभिभावक भी हिस्सा ले सकेंगे.

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