देहरादून: मानसून सीजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. जिलाधिकारी आशीष चौहान की देखरेख में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) से जिले में मौसम एवं आपदा संबंधी परिस्थितियों की लगातार निगरानी की जा रही है. संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखते हुए किसी भी आपात स्थिति में कार्रवाई की जा रही है. साथ ही बारिश के रेड अलर्ट के दौरान जल प्रभाव की स्थिति में क्यूआरटी टीम एक्टिव मोड कार्य करती है. साथ ही आपदा कंट्रोल रूम 24 घंटे अपनी सक्रिय भूमिका में रहता है.
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित क्विक रिस्पांस टीम (QRT) कंट्रोल रूम के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर नजर रख रही है. जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में कंट्रोल रूम की पैनी निगरानी है. जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा 0135-2626066, 2726066, टोल फ्री नंबर -1077 और व्हाट्स अप नो. 7534826066 जारी किए हैं. जिसके माध्यम से भारी बारिश, जलभराव, भूस्खलन सहित अन्य आपदा जैसी परिस्थितियों में संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है. साथ ही भारी बारिश, जलभराव, भूस्खलन सहित अन्य आपदा जैसी परिस्थितियों में संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है.
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में अलग – अलग विभागों के कार्मिक मानसून सीजन के दौरान पूरी मुस्तैदी से कार्य करते हुए जिले की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं. क्विक एक्शन के माध्यम से 15 जून से अब तक करीब 60 से अधिक समस्या दर्ज कराई गई है. जिनमें से सभी समस्याओं का निस्तारण भी हो चुका है.
साथ ही कंट्रोल रूम द्वारा तहसील स्तर पर जारी हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से भी आम जनता की शिकायतों और समस्याओं का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. जिला प्रशासन का उद्देश्य मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति में जनता को राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है.
अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने बताया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन और जिलाधिकारी के नेतृत्व में मानसून सीजन को लेकर सभी विभागों और नगर निकाय क्षेत्रों में अधिकारियों के साथ बैठक ली जा चुकी है. ये टीमें मानसून के दौरान अलग – अलग क्षेत्रों में विभागवार आ रही शिकायतों का निस्तारण करेगी. आपदा कंट्रोल रूम में अलग – अलग विभाग के अधिकारियों को प्रभारी रूप पर तैनात भी किया गया है. जिससे कि अलग-अलग क्षेत्रों से आ रही जन समस्याओं के निस्तारण को लेकर एक अच्छा समन्वय बनाया जा सके.
