23 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। बुधवार को ऋषिकेश से चला जत्था बृहस्पतिवार को गोविंदघाट पहुंचा। हेमकुंड साहिब के कपाट खोलने को लेकर गोविंदघाट और हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे को फूलों से सजाया गया है।
तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
सेना के जवान पहले ही आस्था पथ से बर्फ हटाकर मार्ग सुचारु कर चुके हैं। बुधवार को ऋषिकेश से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना किया गया। पहले दिन जत्था श्रीनगर पहुंचा और बृहस्पतिवार को गोविंदघाट पहुंच गया। शुक्रवार सुबह अरदास के बाद जत्था हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुआ।
रात्रि विश्राम घांघरिया में करने के बाद जत्था 23 को सुबह हेमकुंड साहिब पहुंचेगा और हेमकुंड के कपाट खोल दिए जाएंगे। गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब की यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पहले दिन तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। कुछ श्रद्धालु गोविंदघाट पहुंच चुके हैं। श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार बना हुआ है।