खटीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को खटीमा के गौसीकुवां भूड़ाई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में
आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं
और आशा वर्करों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े विषय प्रमुख रहे।
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समाज की युवतियों और स्थानीय महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
सीएम धामी ने आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें अपने हाथों से भोजन भी परोसा।
बच्चों से बातचीत करते हुए उन्होंने उनकी गतिविधियों और अनुभवों के बारे में जानकारी ली।
बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री धामी
‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र में मौजूद नन्हे-मुन्ने बच्चों से मुलाकात की।
उन्होंने बच्चों को दुलार किया और उनके साथ बैठकर भोजन किया।
मुख्यमंत्री की ओर से बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसने का कार्यक्रम भी हुआ।
इस दौरान मातृ एवं शिशु पोषण से संबंधित सरकारी योजनाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, माताओं
और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
10 गर्भवती महिलाओं को पोषण किट वितरित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म में हिस्सा लिया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान 10 गर्भवती महिलाओं को पोषण सामग्री की किट वितरित की गई।
इसके अलावा 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट भी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने पांच छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया।
इस दौरान उन्होंने बच्चों और उनके परिवारों से बातचीत की तथा स्वस्थ जीवन और बेहतर पोषण के महत्व पर जोर दिया।
9 आंगनबाड़ी और 2 आशा कार्यकर्ता सम्मानित
‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए काम कर रही आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने 9 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 2 आशा वर्करों को सम्मानित किया।
इस मौके पर कहा गया कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में इन कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं और जनजातीय समुदाय के लोगों की भी भागीदारी रही।
इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में पौधरोपण भी किया गया।
सुरक्षित मातृत्व और पोषण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से विभिन्न सुविधाओं पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने आपदा की स्थिति में गर्भवती महिलाओं तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए हेली एंबुलेंस सुविधा का भी उल्लेख किया।
उनका कहना है कि सुरक्षित मातृत्व और बच्चों के बेहतर पोषण के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचना जरूरी है।

नानकमत्ता साहिब में सीएम धामी ने किया श्रमदान
खटीमा कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेका।
उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए अरदास की।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया और स्वयं झाड़ू लगाकर श्रमदान किया।
यह कार्यक्रम ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान लोगों से धार्मिक स्थलों के साथ-साथ आसपास के सार्वजनिक स्थानों को भी साफ रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी विशेष अभियान या एक दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए
बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।
गुरुद्वारा कमेटी ने मुख्यमंत्री को भेंट किया सरोपा
गुरुद्वारा परिसर में स्वच्छता अभियान के बाद गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री धामी को सरोपा और स्मृति चिह्न भेंट किया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
नानकमत्ता साहिब में मुख्यमंत्री की ओर से किए गए श्रमदान को सेवा और स्वच्छता से जोड़कर देखा गया।
उन्होंने लोगों से सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों की साफ-सफाई में सामूहिक भागीदारी करने की अपील की।
खटीमा में ‘आंगन मिलन’ और नानकमत्ता साहिब में स्वच्छता अभियान के दौरान
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम मुख्य रूप से मातृ एवं शिशु पोषण, जनभागीदारी, सेवा और स्वच्छता से जुड़े संदेशों पर केंद्रित रहा।
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