कॉर्बेट में मानसून के दौरान भी पर्यटकों का उत्साह, 3 महीने में 40,283 पहुंचे

रामनगर: बरसात के मौसम में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कई पर्यटन क्षेत्र पर्यटकों के लिए बंद रहते हैं

RAIN WATER HARVESTING HD

लेकिन इसके बावजूद रामनगर आने वाले सैलानियों की वन्यजीवों और प्रकृति के प्रति दिलचस्पी बनी हुई है।

इसका प्रमाण धनगढ़ी स्थित कॉर्बेट इंटरप्रिटेशन सेंटर और म्यूजियम में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या से मिलता है।

वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून से अगस्त 2026 के बीच 40,283 पर्यटकों ने धनगढ़ी इंटरप्रिटेशन सेंटर का भ्रमण किया।

इनसे विभाग को करीब 35.10 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इससे साफ है

कि मानसून के दौरान सफारी के विकल्प सीमित होने के बावजूद कॉर्बेट से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए पर्यटक बड़ी संख्या में धनगढ़ी पहुंच रहे हैं।

मानसून में बंद रहता है ढिकाला जोन

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का प्रमुख पर्यटन क्षेत्र ढिकाला जोन हर साल मानसून के दौरान बंद कर दिया जाता है।

पर्यटकों के लिए यह जोन सामान्य तौर पर 15 नवंबर से 15 जून तक संचालित होता है।

15 जून के बाद बारिश और सुरक्षा कारणों को देखते हुए यहां पर्यटन गतिविधियां रोक दी जाती हैं।

ऐसे में मानसून के दौरान कॉर्बेट घूमने आने वाले पर्यटकों के सामने जंगल सफारी के विकल्प सीमित हो जाते हैं।

इसके बावजूद धनगढ़ी का इंटरप्रिटेशन सेंटर उनके लिए वन्यजीव और जंगल को समझने का एक प्रमुख माध्यम बना हुआ है।

क्या खास है धनगढ़ी इंटरप्रिटेशन सेंटर में?

रामनगर-रानीखेत मार्ग पर रामनगर से करीब 19 किलोमीटर दूर स्थित धनगढ़ी, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का प्रमुख प्रवेश बिंदु है।

यहां मौजूद इंटरप्रिटेशन सेंटर और म्यूजियम में पर्यटकों को कॉर्बेट के जंगल

जैव विविधता और वन्यजीवों के बारे में जानकारी दी जाती है।

सेंटर में अलग-अलग पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाने वाली प्रदर्शनी के साथ बाघ समेत विभिन्न वन्यजीवों से संबंधित जानकारी और ट्रॉफीज प्रदर्शित की गई हैं।

पर्यटकों को पक्षियों तथा वन्यजीवों की आवाजें सुनने का अनुभव भी दिया जाता है।

इसके अलावा नाइट फॉरेस्ट अनुभव और 3-डी थिएटर के जरिए जंगल एवं वन्यजीवों की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलता है।

मानसून के दौरान जंगल में होने वाली बारिश और वन्यजीवों की आवाजों का अनुभव कराने वाली विशेष प्रस्तुति भी यहां आकर्षण का हिस्सा है।

जून में सबसे ज्यादा 16,905 पर्यटक पहुंचे

आंकड़ों के मुताबिक जून 2026 में 16,905 पर्यटकों ने इंटरप्रिटेशन सेंटर का दौरा किया।

इस दौरान वन विभाग को 14 लाख 66 हजार 175 रुपये का राजस्व मिला।

जुलाई में पर्यटकों की संख्या बढ़कर 20,208 हो गई।

इस महीने विभाग को 17 लाख 50 हजार 475 रुपये की आय प्राप्त हुई।

वहीं अगस्त में 3,170 पर्यटक सेंटर पहुंचे

और इससे 2 लाख 93 हजार 900 रुपये का राजस्व मिला।

इस तरह जून, जुलाई और अगस्त को मिलाकर कुल 40,283 पर्यटकों ने धनगढ़ी इंटरप्रिटेशन सेंटर का भ्रमण किया

और वन विभाग को 35 लाख 10 हजार 550 रुपये की आय हुई।

सफारी से आगे बढ़ रही कॉर्बेट की पहचान

इन आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का आकर्षण केवल जंगल सफारी तक सीमित नहीं है।

पर्यटक यहां के वन्यजीवों, प्राकृतिक वातावरण, जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों को समझने में भी रुचि ले रहे हैं।

मानसून के दौरान जब प्रमुख पर्यटन जोन बंद रहते हैं, तब धनगढ़ी इंटरप्रिटेशन सेंटर पर्यटकों को कॉर्बेट की वन्यजीव विरासत

और जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

 

 

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