रुद्रपुर: किच्छा नगर पालिका चुनाव की मतगणना के दौरान मंगलवार शाम मतगणना परिसर के बाहर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच विवाद के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
इसी दौरान विधायक तिलक राज बेहड़ को थप्पड़ मारे जाने का आरोप भी सामने आया।
सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया।
पुलिस ने मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है,
जबकि शांति व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में करीब
30 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
विधायक पक्ष की ओर से घटना को लेकर एफआईआर दर्ज करने
और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
स्ट्रांग रूम के बाहर व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था
और पर्दे लगाए जाने को लेकर पहले से ही विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
इसी बीच विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आमने-सामने आ गए।
दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ने के बाद समर्थक भी विवाद में शामिल हो गए।
स्थिति बिगड़ने पर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया।
इसी दौरान विधायक बेहड़ के साथ कथित तौर पर
धक्का-मुक्की और थप्पड़ मारने की घटना सामने आई।
इसके बाद विधायक की ओर से पुलिस में शिकायत देने की बात कही गई।
दोनों पक्षों को अलग-अलग स्थानों पर ले गई पुलिस
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दोनों पक्षों को अलग-अलग कर दिया।
पुलिस के अनुसार, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला
और उनके समर्थकों को पंतनगर स्थित सिडकुल चौकी ले जाया गया
जबकि विधायक तिलक राज बेहड़ और उनके समर्थकों को किच्छा कोतवाली भेजा गया।
अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम मौके पर तनाव बढ़ने से रोकने
और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया।
एक व्यक्ति गिरफ्तार, 30 लोग हिरासत में
न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की है।
इसके अलावा, पुलिस ने हंगामे और शांति व्यवस्था प्रभावित करने में शामिल लोगों की पहचान करते हुए
करीब 30 व्यक्तियों को हिरासत में लिया है।
इन सभी के संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
विधायक पक्ष ने की एफआईआर की मांग
घटना के बाद विधायक तिलक राज बेहड़ के पक्ष की ओर से पुलिस से प्राथमिकी दर्ज करने
और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई। विधायक पक्ष का कहना है
कि यदि प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हिंसात्मक घटना हुई है
तो उसके संबंध में मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
वहीं, चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास का भी आरोप लगाया गया है।
मतगणना से जुड़े विवाद को लेकर न्यायालय से हस्तक्षेप की अपेक्षा भी जताई गई है।
हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम स्थिति पुलिस जांच
और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मतगणना केंद्र की सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद मतगणना परिसर और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान
कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या सुरक्षा व्यवस्था
में बाधा डालने वालों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के
आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि शांति
और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है
और हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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