देहरादून/अल्मोड़ा: उत्तराखंड में शुक्रवार को राष्ट्रीयकृत बैंकों की बैंकिंग सेवाएं एक दिवसीय हड़ताल के चलते प्रभावित रहीं।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर कर्मचारियों ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया।
बैंक कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों पर जल्द फैसला लेने की मांग की।
हड़ताल के कारण बैंकों में नियमित कामकाज प्रभावित रहा।
जरूरी बैंकिंग कार्य कराने पहुंचे कई ग्राहकों को वापस लौटना पड़ा।

देहरादून में सेंट्रल बैंक के बाहर प्रदर्शन
देहरादून में बैंक कर्मचारियों ने एश्ले हॉल चौक स्थित सेंट्रल बैंक के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों का कहना था कि वे आंदोलन का रास्ता नहीं अपनाना चाहते
लेकिन लंबे समय से मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें हड़ताल करनी पड़ी।
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन के संयोजक
और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की देहरादून इकाई के ऑर्गेनाइजिंग जनरल सेक्रेटरी
इंदर रावत ने कहा कि फाइव-डे बैंकिंग की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।
उनके मुताबिक, वर्ष 2012 से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग की जा रही है।
वर्ष 2015 में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश की व्यवस्था लागू की गई थी।
इसके बाद सभी शनिवार को बैंक अवकाश करने का आश्वासन दिया गया
लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया।

अल्मोड़ा में भी बैंक कर्मचारियों ने उठाई आवाज
अल्मोड़ा में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने सरकार की परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना पर भी सवाल उठाए।
कर्मचारियों ने इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण बताते हुए वापस लेने की मांग की।
इसके अलावा 11वें और 12वें द्विपक्षीय वेतन समझौते से संबंधित लंबित प्रावधानों को लागू करने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान उठाई गई।
बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के साथ पेंशन अपडेट करने
और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग भी रखी।
बैंक बंद होने से ग्राहकों को हुई परेशानी
हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने से आम ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई लोग जमा-निकासी, चेक से जुड़े काम, बैंक खातों में आवश्यक बदलाव
और अन्य जरूरी कार्यों के लिए बैंक पहुंचे थे
लेकिन शाखाएं बंद मिलने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
कुछ ग्राहकों को बैंक पहुंचने के बाद ही हड़ताल की जानकारी मिली।
शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार का अवकाश होने के कारण बैंकिंग सेवाएं लगातार तीन दिन प्रभावित रहेंगी।
ऐसे में ग्राहकों को नियमित बैंकिंग कार्य के लिए सोमवार तक इंतजार करना होगा।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो तीन दिन की हड़ताल
बैंक कर्मचारियों ने सरकार को आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है। कर्मचारियों के अनुसार, यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी।
इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर 26 अक्टूबर से देशभर में व्यापक आंदोलन और हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
कर्मचारियों ने सरकार से फाइव-डे बैंकिंग लागू करने, PLI योजना से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने और कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
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