न्यायालय के आदेश पर छह माह के लिए जिला बदर किए अपराधी को पुलिस ने जिले की सीमा में अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया. जिसके बाद उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है.
पुलिस के अनुसार धारानौला चौकी प्रभारी आनंद बल्लभ कश्मीरा को मुखबिर से सूचना मिली कि जिला बदर किया गया नियाजगंज, अल्मोड़ा निवासी अजीम अंसारी चोरी-छिपे मल्ला दन्या राजपुरा स्थित अपने घर में रह रहा है. सूचना को गंभीरता से लेते हुए चौकी प्रभारी पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके के लिए रवाना हुए. जब पुलिस टीम राजपुरा स्थित आरोपी के घर पहुंची तो मकान बाहर से बंद दिखाई दिया. पुलिस ने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से हलचल और आवाजें सुनाई दी. चौकी प्रभारी पहले से आरोपी को पहचानते थे, इसलिए पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए घर के भीतर प्रवेश किया.
इस दौरान अजीम अंसारी नहाकर कमरे से बाहर आया, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही दबोच लिया. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अजीम अंसारी को महज 10 दिन पहले, 17 जुलाई को न्यायालय के आदेश के तहत उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 2/3 के तहत छह माह के लिए अल्मोड़ा जिले की सीमा से बाहर किया गया था. पुलिस ने उसे क्वारव पुल से आगे नैनीताल जिले की सीमा में छोड़ा था. इसके बावजूद आरोपी ने बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति अथवा पूर्व सूचना के दोबारा अल्मोड़ा जिले में प्रवेश कर न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किया.
कोतवाली पुलिस ने मौके पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3/10 के तहत मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया. बाद में आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने वाले व कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही जिला बदर किए गए अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनी रहे.
