जिले में गुलदार की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही है. हालांकि, पिछले कुछ समय से वन्यजीवों के हमलों से कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई है, लेकिन जिले में गुलदार लगातार आबादी वाले क्षेत्रों और मुख्य सड़कों के आसपास देखे जा रहे हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है. स्थानीय लोगों ने कई बार मुख्य सड़कों पर गुलदार की आवाजाही देखने का दावा किया है.
बुधवार को ये दावा तब पुख्ता हो गया जब श्रीनगर क्षेत्र में सुबह के समय एक मादा गुलदार अपने दो शावकों के साथ आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गई. गुलदार और शावकों की चहलकदमी रिहायशी इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई. लोगों ने शोर मचाकर गुलदार और शावकों को भगाने का प्रयास किया, जिसके बाद मादा गुलदार तो जंगल की ओर लौट गई, लेकिन उसके दोनों शावक पीछे ही छूट गए. करीब दो घंटे बाद क्षेत्र में फिर शावकों की आवाज सुनाई दी. जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया.
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जाल लगाकर एक शावक का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. इसी दौरान पास के एक मकान से एक युवती की चीख सुनाई दी. उसने कमरे की खिड़की से बाहर मौजूद लोगों को बताया कि, दूसरा शावक उसके घर के बरामदे में बैठा हुआ है. शावक को सामने देखकर युवती ने खुद को कमरे में बंद कर लिया.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत बरामदे का शटर बंद कर दिया, जिससे शावक बाहर नहीं निकल पाया और किसी अप्रिय घटना की आशंका टल गई. इसके बाद वन विभाग को दोबारा सूचना दी गई.
वन विभाग के रेस्क्यू से पहले तक इलाके के लोग पूरी सतर्कता के साथ बरामदे के बाहर डटे रहे. बाद में वन विभाग ने जाल के जरिए शावक का सुरक्षित रेस्क्यू किया. स्थानीय लोगों ने वन विभाग से दोनों शावकों को उनकी मां के आसपास सुरक्षित जंगल में छोड़े जाने की मांग की.
