हरिद्वार: पथरी थाना क्षेत्र स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर में रहने वाले दो साधुओं की हत्या के सनसनीखेज मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. मामले में पुलिस के हाथ कई अहम जानकारियां लगी हैं. दोनों साधुओं के शव मंदिर के पास जंगल में गड्ढा खोदकर दबाए गए थे. सूचना मिलने पर पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए. मामले में मंदिर के मुख्य पुजारी पर संदेह जताया जा रहा है, जो घटना के बाद से फरार है.
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि, मंदिर परिसर में सात सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. उनकी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई अहम जानकारियां हाथ लगी है. जल्द ही मामले का खुलासा किया आएगा. इस मामले में पथरी थाने में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है.
पुलिस के अनुसार, मंदिर के सेवादार पंकज ने ही पुलिस को दो साधुओं के लापता होने और अनहोनी होने की सूचना दी थी. इसके बाद पथरी थाना प्रभारी रविंद्र सिंह पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान मंदिर के पास जंगल में खुदाई कराई गई, जहां से दोनों साधुओं के शव बरामद हुए. इनमें एक का नाम सेवागिरि और दूसरे साधु की पहचान की जा रही है. इसके बाद ऐथल निवासी पंकज पुत्र स्व. ज्ञान सिंह पाल की तहरीर पर तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया.
तहरीर में बताया गया कि 18 जुलाई की रात मंदिर परिसर में कई लोग रुके हुए थे. इनमें साधु उत्तमगिरि, सेवागिरि, अखिलगिरि, एक अन्य साधु, आशू, पंडित राममिलन और अन्य लोग मौजूद थे. आरोप है कि रात के समय सेवागिरि और उत्तमगिरि शराब पी रहे थे. इसी दौरान सेवादार पंकज को धमकाया गया और उसका मोबाइल भी छीन लिया गया
तहरीर के मुताबिक, 19 जुलाई की सुबह करीब साढ़े चार बजे सेवादार पंकज ने मंदिर के पास जंगल में उत्तमगिरि और आशू को गड्ढा खोदते देखा. बाद में उसे मंदिर से बाहर भेज दिया गया. इसके बाद अन्य लोगों से जानकारी मिली कि पथरेश्वर मंदिर में दो साधुओं की हत्या हो गई है. घटना के बाद से उत्तमगिरि, अखिलगिरि, राममिलन और आशू मौके से फरार हैं.
जूना अखाड़े से जुड़े बताए जा रहे दोनों संत: मंदिर में जिन दो साधुओं की हत्या की गई है, वह दोनों जूना अखाड़े से जुड़े साधु संत बताए जा रहे हैं. हालांकि, दोनों अखाड़े में नहीं रहते बल्कि इधर-उधर मंदिरों में ही रहते हैं. जूना अखाड़े के उपाध्यक्ष महेश पुरी महाराज ने बताया कि,
उन्हें भी मालूम हुआ है कि दोनों संत उनके अखाड़े से जुड़े हैं, लेकिन वो अखाड़े में नहीं रहते हैं. संत किसी भी अखाड़े से जुड़े हों, लेकिन हत्या किसी भी सूरत में उचित नहीं है. मामले का जल्द खुलासा होना चाहिए.
-महेश पुरी महाराज, उपाध्यक्ष, जूना अखाड़ा-
मामले की गहनता से जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं. कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा.
-नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी-