Uttarakhand : प्रदेश में पहली बार झरने, गाड़-गदेरों का हो रहा सर्वे, तैयार होगा जलस्रोतों का डाटाबेस

उत्तराखंड में पहली बार झरनों और गाड़-गदेरों की व्यवस्थित गणना की जा रही है। इसके जरिए राज्य में मौजूद प्राकृतिक जल स्रोत की वास्तविक संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति का पता लगाया जाना है। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद पहली बार सरकार के पास प्रदेश के झरनों और गाड़-गदेरों का प्रामाणिक और व्यापक रिकॉर्ड उपलब्ध होगा। अभी तक की गणना में 48 हजार प्राकृतिक जलस्रोतों का डाटाबेस तैयार किया जा चुका है।

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