सूत्रों के अनुसार, बीते शुक्रवार को पकड़े गए आरोपी ईश्वरी प्रसाद ने एसटीएफ के सामने बड़े खुलासे किए हैं। उसने वर्ष 2024 में योगेश उर्फ योगी उर्फ इंद्रजीत उर्फ जैक के कहने पर लैब सेटअप करने का काम शुरू किया था। उसे लालच दिया गया था कि जो भी फायदा होगा उसका 30 फीसदी हिस्सा दिया जाएगा। यह सुनकर उसने सबसे पहले महादेव डिजिटल जोन नाम से लैब स्थापित की। यहां गड़बड़ी की बात सामने आई तो वह फरार हो गया।
जांच में आगे उसने बताया कि वह उत्तराखंड समेत दिल्ली, यूपी, हैदराबाद, राजस्थान और हिमाचल में 500 से ज्यादा लैब स्थापित कर चुका है।हालांकि, सभी में सेटिंग न करके कुछ चुनिंदा लैब को ही चुना गया। इनकी संख्या भी 100 से ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इसके लिए इश्वरी प्रसाद को कंपनी के कर्मचारियों ने ही चुना था। लैब सेटअप के वक्त ही इस तरह की सेटिंग की जाती है कि वह किसी की पकड़ में नहीं आती। इथरनेट के केबल को यूपीएस सर्वर रूम के एक चेंबर से जोड़ दिया जाता है।