खाद्य पदार्थों में मिलावट से कैंसर का कारण बन रहे रसायनों को चिह्नित करने के लिए नियमावली बनाई जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के हर महीने मिलावट व घटिया गुणवत्ता की जांच के लिए एक सप्ताह का अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश में लगने वाले हॉट बाजारों में भी खाद्य पदार्थों की सैंपल जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जांच के लिए देहरादून में लैब बनाई जा रही है। 31 मार्च 2026 तक प्रयोगशाला बनकर तैयार हो जाएगी। इसके बाद सैंपलों की जांच में तेजी आएगी।
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारी 28 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। जब तक इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है। तब तक दूसरे विभागों से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों को तैनात करने पर विचार किया जाएगा।
निकायों में सैंपल भरने का अधिकार देने पर लेंगे निर्णय
भाजपा विधायक विनोद चमोली ने सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा वर्तमान में एफडीए की ओर से खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच को भेजे जाते हैं। निकायों को भी सैंपल लेने व निरीक्षण का अधिकार देने पर नीतिगत निर्णय लेने पर विचार किया जाएगा।
दो वर्षों में फेल पाए गए 330 खाद्य पदार्थों के नमूने
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 व 2024-25 में कुल 3311 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इसमें 330 सैंपल गुणवत्ता मानकों में फेल पाए गए। फेल सैंपलों में निर्माता व विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है।