जलवायु परिवर्तन से उत्तराखंड पर न केवल आपदाओं का खतरा बढ़ रहा है बल्कि पशुपालन भी संकट में आ रहा है। गढ़वाल विवि के शोधार्थियों के शोध में यह चुनौती सामने आई है। यह शोध अगस्त माह में अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
गढ़वाल विवि के शोधार्थियों सोनाली राजपूत, शुभम थापा और आभा रावत ने जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी परिक्षेत्र में हो रहे बदलावों पर शोध किया है। तापमान में वृद्धि, अनियमित वर्षा और बर्फबारी की कमी से पारंपरिक पशुचारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इससे न केवल पशुओं का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है बल्कि स्थानीय किसानों की आजीविका भी संकट में पड़ गई है।