Uttarakhand Atithi Shikshak : प्रवक्ता संवर्ग में 292 अतिथि शिक्षकों की होगी तैनाती, इन विषयों के शिक्षकों की कमी होगी दूर - Uttarakhand Highlights

Uttarakhand Atithi Shikshak : प्रवक्ता संवर्ग में 292 अतिथि शिक्षकों की होगी तैनाती, इन विषयों के शिक्षकों की कमी होगी दूर

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देहरादून: प्रदेश में 292 अतिथि शिक्षकों का चयन किया गया है, खाली पदों के सापेक्ष 292 अभ्यर्थियों को पूर्व में तैयार की गई. मेरिट सूची के आधार पर चयनित किया गया है. इन अतिथि शिक्षकों के चयनित होने के बाद शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने अगले एक सप्ताह के भीतर इन अतिथि शिक्षकों को तैनाती दिए जाने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं. राज्य में अतिथि शिक्षकों का चयन विभिन्न चरणों में किया जा रहा है, इस बार तीसरे चरण के तहत इन शिक्षकों को चुना गया है.

प्रदेश में जिन अतिथि शिक्षकों का चयन किया गया है उसमें गणित के 46, भौतिक विज्ञान के 52, रसायन विज्ञान के 62, जीव विज्ञान के 32 और अंग्रेजी में 100 अतिथि शिक्षक शामिल हैं. तीसरे चरण के तहत चयनित किए गए अतिथि शिक्षकों में से चमोली जिले में विभिन्न विषयों के 43 अतिथि शिक्षकों की तैनाती की जाएगी. इसी तरह पिथौरागढ़ में 58, पौड़ी में 74, अल्मोड़ा में 52, उत्तरकाशी में तीन, टिहरी में आठ, नैनीताल में 7, चंपावत में 22, बागेश्वर में 19, रुद्रप्रयाग में 10 और देहरादून में तीन अतिथि शिक्षकों को तैनाती दी जाएगी.

इन सभी शिक्षकों को एक सप्ताह के भीतर तैनाती देने के निर्देश जारी हुए हैं. इन अतिथि शिक्षकों को ऐसे विद्यालयों में तैनाती दी जाएगी, जहां पर शिक्षकों की ज्यादा कमी दिखाई देगी. इस दौरान विभिन्न विषयों के आधार पर चयनित शिक्षकों को जरूरत के लिहाज से विद्यालय आवंटित होंगे. चयनित किए गए शिक्षकों में रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, अंग्रेजी और गणित विषयों के शिक्षकों को चुना गया है.

इससे पहले प्रवक्ता संवर्ग में 851 अतिथि शिक्षकों की तैनाती का निर्णय लिया गया था.जिसको दो चरणों में तमाम विद्यालयों में तैनाती के जरिए पूरा किया गया. जबकि इसके बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी के स्तर पर विषयवार रिक्त पदों के सापेक्ष अतिथि शिक्षकों की डिमांड मांगी गई थी. उत्तराखंड में पिछले लंबे समय से सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अलग-अलग प्रयोग किये जा रहे हैं. अतिथि शिक्षकों के जरिए सरकार विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को खत्म करने का प्रयास कर रही है. जिसमें काफी हद तक शिक्षा विभाग को कामयाबी भी मिल रही है.

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