देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहा
विवाद लगातार गंभीर होता जा रहा है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
पुलिस को जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जिसके आधार पर गिरधारी लाल साहू के खिलाफ
गैर जमानती वारंट जारी कराया गया है। वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गैर जमानती वारंट
जानकारी के अनुसार, रेखा आर्या की शिकायत पर दर्ज मामले की जांच एसआईटी कर रही है।
जांच टीम लगातार साक्ष्य जुटाने के साथ मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
इसी बीच पुलिस ने न्यायालय से गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गैर जमानती वारंट प्राप्त कर लिया है।
इसके बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है।
गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जगहों पर दबिश
गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने गिरधारी लाल साहू की तलाश तेज कर दी है।
उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें रवाना की गई हैं।
संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही उनकी लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने का प्रयास किया जा रहा है।
तीन नोटिस के बावजूद बयान देने नहीं पहुंचे गिरधारी साहू
एसआईटी प्रमुख जया बलूनी ने बताया कि जांच के सिलसिले में गिरधारी लाल साहू को तीन बार नोटिस जारी किए गए थे
लेकिन वह देहरादून पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे।
इसके बाद उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराया गया।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं
और जल्द कार्रवाई की जाएगी।
क्या है रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद?
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच पारिवारिक
और कानूनी विवाद अक्टूबर 2026 में सामने आया था। मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में
अपने पति के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में घरेलू हिंसा, धोखाधड़ी
मानसिक उत्पीड़न और हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मंत्री ने लगाए मारपीट और हत्या की साजिश के आरोप
रेखा आर्या ने पुलिस को दी शिकायत में दावा किया था कि उन्हें एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है
जिसमें उनके पति एक अन्य महिला के साथ मिलकर उनकी और उनके बच्चों की हत्या की योजना बना रहे थे।
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि गिरधारी लाल साहू ने वर्ष 2004 में खुद को अविवाहित बताकर उनसे विवाह किया था
जबकि वह पहले से शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी थे।
इसके अलावा शिकायत में मारपीट, मानसिक प्रताड़ना, कंपनियों के निदेशक पद से कथित तौर पर
फर्जी हस्ताक्षर के जरिए हटाने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल जैसे आरोप भी शामिल हैं।
रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए कहा था
कि उन्होंने वर्ष 2022 से 2026 तक कई तरह की परेशानियां झेलीं।
परिस्थितियां असहनीय होने के बाद उन्होंने कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया।
गिरधारी लाल साहू ने आरोपों को बताया गलत
दूसरी तरफ, गिरधारी लाल साहू ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रेखा आर्या की ओर से लगाए गए
आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि दोनों की शादी को करीब 22 साल हो चुके हैं
और उनके बीच पहले कोई विवाद नहीं था।
उन्होंने रेखा आर्या के मंत्री बनने के बाद कथित तौर पर 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति
अर्जित किए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की है।
एसआईटी कर रही जांच, हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
इस पूरे विवाद की जांच के लिए उत्तराखंड पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है
जिसकी अगुवाई जया बलूनी कर रही हैं।
वहीं, मंगलवार को नैनीताल हाईकोर्ट में गिरधारी लाल साहू की ओर से दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने
और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई पूरी हुई। अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
अब गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस की अगली कार्रवाई और हाईकोर्ट के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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