लक्सर, हरिद्वार: लक्सर कोतवाली के बाहर मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया
जब एक व्यक्ति ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। घटना थाने के मुख्य प्रवेश द्वार के पास हुई।
पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हवालात में रखे कंबलों की मदद से आग बुझाई और व्यक्ति को बचा लिया।
हादसे में वह आंशिक रूप से झुलस गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सीएचसी लक्सर भेजा गया।
बाइक से थाने पहुंचा था व्यक्ति
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम एक व्यक्ति काले रंग की मोटरसाइकिल से लक्सर कोतवाली पहुंचा।
बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर UK 08 BH 0865 बताया गया है। पुलिस के अनुसार
व्यक्ति के शरीर पर पहले से ही तेल अथवा किसी ज्वलनशील पदार्थ जैसा तरल पदार्थ लगा हुआ था।
थाने के प्रवेश द्वार के बाईं ओर बाइक खड़ी करने के बाद उसने माचिस निकालकर खुद को आग लगा ली।
आग लगते ही वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसकी ओर दौड़कर कंबल डालकर आग पर काबू पाया।
पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया
घटना के दौरान दिवसाधिकारी उप निरीक्षक रोहित कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में मदद की।
आग की चपेट में आने से व्यक्ति के शरीर के कुछ हिस्से झुलस गए थे।
थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी ने कर्मचारियों और वहां मौजूद शिकायतकर्ताओं के सामने व्यक्ति से पूछताछ की।
उसने अपना नाम नारायण उर्फ नीटू, पुत्र तेजपाल, निवासी मुंडाखेड़ा खुर्द बताया।
इसके बाद उप निरीक्षक शहजाद अली और उप निरीक्षक यशबीर सिंह नेगी
उसे निजी वाहन से उपचार के लिए सीएचसी लक्सर लेकर पहुंचे।
मामले की जांच वरिष्ठ उप निरीक्षक राजेश बिष्ट को सौंपी गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दे दी गई है।
पहले जमीन विवाद को बताया वजह
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में नारायण ने बताया कि उसका अपने भाई के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।
उसके आरोप के मुताबिक, उसके भाई ने उसकी जमीन का कथित रूप से फर्जी बैनामा करा दिया है।
नारायण ने बताया कि इस विवाद को लेकर सोमवार को गांव में पंचायत भी हुई थी
लेकिन वहां उसे अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
पुलिस ने जब उससे पूछा कि क्या उसने इस संबंध में थाने में शिकायत दी थी, तो उसने शिकायत करने से इनकार किया।
अस्पताल में बयान बदलने से मामले में आया नया मोड़
मामले की जांच के दौरान उस समय नया मोड़ आया
जब अस्पताल में तहसीलदार लक्सर के सामने नारायण ने अपने बयान में आत्मदाह की अलग वजह बताई।
अपने डाइंग डिक्लेरेशन में नारायण ने बताया कि उसने खुद पर डीजल डालकर आग लगाई थी।
उसके मुताबिक, उसके साले ईश्वर सिंह ने उससे 30 लाख रुपये नकद लिए थे। नारायण का कहना है
कि उसने अपने साले से रकम लौटाने या इसके बदले जमीन देने की बात कही थी।
आरोप है कि इस पर उसके साले ने उसे कहीं जाकर मर जाने की बात कही। नारायण ने अपने बयान में कहा
कि वह अपने साले और एक अन्य व्यक्ति से परेशान था और इसी वजह से उसने यह कदम उठाया।
दोनों बयानों को आधार बनाकर जांच कर रही पुलिस
नारायण द्वारा पुलिस के सामने बताए गए जमीन विवाद और अस्पताल में तहसीलदार के समक्ष दिए गए
दूसरे बयान के बाद पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है
कि जमीन विवाद और 30 लाख रुपये से जुड़े आरोपों के बीच क्या संबंध है।
उप निरीक्षक शहजाद अली ने बताया कि थाने के प्रवेश द्वार पर एक व्यक्ति ने खुद को आग लगा ली थी।
पुलिसकर्मियों की तत्काल कार्रवाई से उसकी जान बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है
और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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