हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मौजूदा विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए
कहा कि किसी भी सरकारी कार्यालय में कामकाज एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत होता है।
अधिकारियों की ओर से किसी फाइल या प्रस्ताव पर अलग-अलग टिप्पणियां दी जा सकती हैं
लेकिन अंतिम निर्णय पूरी प्रक्रिया के बाद सामूहिक रूप से लिया जाता है।
हल्द्वानी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सचिवालय में भी किसी विषय
से जुड़ी फाइल पर अधिकारी अपनी राय या टिप्पणी दर्ज करते हैं।
इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई होती है। उन्होंने कहा
कि जनहित से जुड़ा निर्णय ही अंतिम रूप से स्वीकार किया जाता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के मामले पर क्या बोले धामी?
मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े विवाद को लेकर कहा कि इस विषय को आवश्यकता से अधिक राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
उनका कहना था कि किसी भी संस्थान में निर्णय लेने की एक स्थापित प्रक्रिया होती है और उसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
शुक्रवार को उत्तराखंड कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर देहरादून में प्रदर्शन भी किया।
हरीश रावत को बताया सम्मानित नेता
बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को लेकर भी सवाल किया गया।
हरिद्वार से हरीश रावत के चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए धामी ने उन्हें राज्य का सम्मानित नेता बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरीश रावत ने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा में लगाया है।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के स्वस्थ रहने और दीर्घायु होने की कामना भी की।
हरीश रावत हाल के दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में फिर सक्रिय नजर आ रहे हैं।
25 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दे को लेकर देहरादून में कांग्रेस के प्रदर्शन में भी वह शामिल हुए।
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