Breaking News : मसूरी-देहरादून मार्ग पर फिर भूस्खलन, पानी वाले बैंड के पास सड़क बंद - Uttarakhand Highlights

Breaking News : मसूरी-देहरादून मार्ग पर फिर भूस्खलन, पानी वाले बैंड के पास सड़क बंद

Rain Water Harvesting

मसूरी: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास शनिवार को एक बार फिर पहाड़ी से भारी मलबा सड़क पर आ गया। भूस्खलन के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ।

सड़क बंद होने के बाद मसूरी और देहरादून की तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। बारिश के बीच रास्ते में फंसे पर्यटकों और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, पानी वाला बैंड लंबे समय से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है।

बारिश में लगातार बढ़ रही परेशानी

पानी वाले बैंड के आसपास बारिश के दौरान पहाड़ी से मलबा गिरने के साथ सड़क किनारे की जमीन भी खिसक रही है। ऐसे में हर बार मलबा हटाकर यातायात बहाल करना प्रशासन के लिए चुनौती बन रहा है। लगातार हो रही घटनाओं ने पिछले साल 16 सितंबर 2025 की आपदा की याद भी ताजा कर दी है, जब यह क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बारिश के दौरान पहाड़ी इसी तरह खिसकती रही तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनका मानना है कि केवल मलबा हटाकर सड़क खोलने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। संवेदनशील पहाड़ी का वैज्ञानिक और विशेषज्ञों की निगरानी में स्थायी उपचार किया जाना जरूरी है।

PWD ने शुरू किया मलबा हटाने का काम

भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। विभाग की कोशिश है कि फिलहाल मार्ग को एकतरफा यातायात के लिए खोलकर जाम का दबाव कम किया जाए।

एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि लोक निर्माण विभाग को जल्द से जल्द यातायात सुचारु करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की टीम मौके की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

स्थायी समाधान की मांग

बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण पानी वाला बैंड अब मसूरी-देहरादून मार्ग के सबसे संवेदनशील हिस्सों में शामिल होता जा रहा है। स्थानीय निवासी दीपक रावत ने प्रशासन से मांग की है कि विशेषज्ञों की टीम से क्षेत्र का विस्तृत सर्वे कराया जाए। साथ ही सड़क और पहाड़ी को सुरक्षित करने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य किए जाएं, ताकि बारिश के दौरान बार-बार मार्ग बंद होने की समस्या से लोगों को राहत मिल सके।

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