Uttarakhand News : जल जीवन मिशन की 92.46% योजनाएं पूरी, हर घर जल के लक्ष्य को जल्द पूरा करने के निर्देश - Uttarakhand Highlights

Uttarakhand News : जल जीवन मिशन की 92.46% योजनाएं पूरी, हर घर जल के लक्ष्य को जल्द पूरा करने के निर्देश

Rain Water Harvesting

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की प्रगति, वित्तीय स्थिति और योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव की समीक्षा की। बैठक में ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की पहुंच, जल गुणवत्ता, योजनाओं के सत्यापन और आगामी कार्ययोजना को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के तहत कुल 16,555 योजनाओं में से 15,540 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। राज्य में मिशन की औसत प्रगति 92.46 फीसदी है, जबकि 1,015 योजनाओं पर अभी काम चल रहा है।

बैठक में ग्रामीण परिवारों को दिए गए नल कनेक्शन की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि राज्य के 14.48 लाख ग्रामीण परिवारों में से 14.20 लाख परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। वहीं, 14,979 गांवों में से 9,796 गांवों में हर नल से जल की उपलब्धता का सत्यापन पूरा हो चुका है।

सीएम धामी ने दिए शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को हर घर जल के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने और शेष पात्र ग्रामीण परिवारों को निर्धारित समयसीमा के भीतर नल कनेक्शन से जोड़ने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की सफलता सिर्फ नल कनेक्शन की संख्या से नहीं, बल्कि प्रत्येक घर तक नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचने से तय होगी। मुख्यमंत्री ने पूरी हो चुकी योजनाओं का स्थलीय सत्यापन कराने के भी निर्देश दिए।

लंबित योजनाओं को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश

सीएम धामी ने निर्माणाधीन और लंबित पेयजल योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने को कहा। उन्होंने जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक योजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा जिलावार लक्ष्य, समयसीमा और जिम्मेदारी तय करने को कहा। अनावश्यक देरी मिलने पर संबंधित कार्यदायी संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।

पर्वतीय क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके साथ ही वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के पुनर्भरण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

हर जिले में जलापूर्ति से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था विकसित करने और पूर्ण हो चुकी योजनाओं के नियमित संचालन एवं रख-रखाव की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

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