Gangotri Highway : पर सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल, 50 मीटर सुरक्षा दीवार नदी में बही - Uttarakhand Highlights

Gangotri Highway : पर सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल, 50 मीटर सुरक्षा दीवार नदी में बही

Rain Water Harvesting

उत्तरकाशी: गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनगाड़ और लिम्चागाड़ में कराए जा रहे सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। सोनगाड़ में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की ओर से बनाई जा रही सुरक्षा दीवार का करीब 50 मीटर हिस्सा धंसकर नदी में बह गया। वहीं, लिम्चागाड़ में सड़क से करीब 100 मीटर नीचे बनाई गई आरसीसी और वायरक्रेट सुरक्षा दीवार में भी धंसाव शुरू हो गया है। इससे गंगोत्री हाईवे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, सोनगाड़ में बनाई गई सुरक्षा दीवार निर्माण के महज 22 दिन बाद ही धंसने लगी थी। उनका कहना है कि निर्माण के दौरान ही दीवार में दरारें नजर आने लगी थीं, लेकिन समय रहते इसकी निगरानी और जांच नहीं की गई। अब करीब 50 मीटर से अधिक हिस्सा नदी में बह जाने के बाद हाईवे की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

आपदा के बाद शुरू हुआ था निर्माण कार्य

स्थानीय निवासी राजेश रावत ने बताया कि पिछले वर्ष आई आपदा में लिम्चागाड़ का पुल बहने के साथ सड़क को भी भारी नुकसान पहुंचा था। वहीं सोनगाड़ के पास गंगोत्री हाईवे का बड़ा हिस्सा नदी की चपेट में आ गया था। इसके चलते कई दिनों तक क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा।

राजेश रावत के अनुसार, आपदा के करीब दस महीने बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों में निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन निर्माण के दौरान गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया।

बड़े पत्थर और मिट्टी के इस्तेमाल का आरोप

स्थानीय लोगों ने सोनगाड़ और लिम्चागाड़ में बनाई गई सुरक्षा दीवारों के निर्माण में बड़े गोल पत्थरों और मिट्टी के अधिक इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर सीमेंट का पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया और बाहरी सतह पर महज लीपापोती की गई।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण की गुणवत्ता में कमी के चलते ही सोनगाड़ में सुरक्षा दीवार कुछ ही दिनों में धंस गई। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

लिम्चागाड़ में भी धंसाव से बढ़ी चिंता

लिम्चागाड़ में हाईवे से करीब 100 मीटर नीचे बनाई गई आरसीसी दीवार और वायरक्रेट में भी धंसाव शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते जरूरी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो इसका असर सड़क की स्थिरता पर पड़ सकता है।

हाईवे को नुकसान पहुंचने की स्थिति में यातायात प्रभावित होने के साथ ही सड़क पर सफर करने वाले लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।

जांच के लिए कमेटी गठित होगी

मामले में बीआरओ के कमांडर राजकिशोर ने बताया कि सोनगाड़ में सुरक्षा दीवार के बहने की सूचना मिली है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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