मैं धराली आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए आया था। लेकिन अचानक मलबा गिरा और मैं और मेरे साथी जवान भागीरथी के सैलाब में बह गए थे। मेरी दोनों बहनों की दुआओं का असर है कि मेरी जान बच गई, लेकिन मेरी टुकड़ी के नौ जवान अभी भी लापता हैं… यह कहना है आपदा में सुरक्षित बचे अग्निवीर सोनू सिंह का।
उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले सोनू ने बताया कि उनकी बहनें उन्हें बार-बार फोन करके रक्षाबंधन पर घर आने के लिए कह रही थीं लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं मिल पाई थी। जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती सोनू ने अमर उजाला टीम से खास बातचीत में बताया कि 5 अगस्त को धराली में आई आपदा की सूचना पर उनकी 18 जवानों की टुकड़ी को राहत और बचाव कार्य के लिए भेजा गया था। जैसे ही हम हर्षिल नाला पार कर रहे थे अचानक मलबा आ गिरा।