स्थानीय लोगों का कहना है कि आपदा के बाद नदी में जमा भारी मात्रा में मलबा आज भी पूरी तरह नहीं हटाया गया है जिससे यमुना नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है और जलभराव की आशंका लगातार बनी हुई है। आपदा प्रभावित जयपाल सिंह रावत, बलदेव सिंह, चित्रमोहन सिंह और शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष आई आपदा में स्याना चट्टी सहित आसपास के तीन गांवों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था।
पानी का दबाव बढ़ने और जलभराव जैसी स्थिति बनने का खतरा
यमुनोत्री हाईवे पर बना मोटर पुल तक जलमग्न हो गया था लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं किए गए हैं। आरोप है कि मलबा हटाने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और संबंधित एजेंसी नदी की सफाई के बजाय इधर-उधर मलबा स्थानांतरित करने तक सीमित दिखाई दे रही है।