ऋषिकेश/हरिद्वार: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच ऋषिकेश और हरिद्वार की बदहाल सड़कें लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई हैं। ऋषिकेश-तपोवन मार्ग पर जगह-जगह सड़क टूटने और गहरे गड्ढे बनने से वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं हरिद्वार के न्यू सराय बाईपास रोड की हालत भी खराब बनी हुई है।
बारिश के कारण सड़कों का डामर कई स्थानों पर उखड़ गया है और गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
ऋषिकेश से तपोवन मार्ग पर बढ़ा हादसों का खतरा
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश ने सड़क व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। शहर के मुख्य मार्गों के साथ कई अंदरूनी सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
ऋषिकेश से तपोवन जाने वाले प्रमुख मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क का डामर उखड़ चुका है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी आवाजाही में परेशानी हो रही है।
पानी से भरे गड्ढे बने दोपहिया चालकों के लिए खतरा
बारिश के दौरान सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। खासकर बाइक और स्कूटी चालकों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक साबित हो सकती है।
कई बार वाहन चालकों को अचानक सामने आए गड्ढों से बचने के लिए दिशा बदलनी पड़ती है। इससे सड़क दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता भीर्गुनाथ के अनुसार, लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर सड़क का डामर प्रभावित हुआ है। बारिश कम होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों का निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत और पैचवर्क कराया जाएगा।
हरिद्वार की न्यू सराय बाईपास रोड भी बदहाल
उधर हरिद्वार में न्यू सराय बाईपास रोड की खराब स्थिति ने स्थानीय लोगों और राहगीरों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। यह सड़क शहर को आसपास के कई गांवों से जोड़ती है और बड़ी संख्या में लोग रोजाना इस मार्ग का उपयोग करते हैं।
सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण स्थानीय लोगों ने दुर्घटनाओं की आशंका जताई है। लोगों का कहना है कि दोपहिया वाहन चालक अक्सर गड्ढों के कारण गिरकर घायल हो जाते हैं। वहीं बैटरी रिक्शा समेत अन्य छोटे वाहनों को भी आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
40 से अधिक गांवों को जोड़ती है सराय रोड
सराय रोड हरिद्वार शहर को 40 से अधिक गांवों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके आसपास हरीलोक, राजलोक, ट्रांसपोर्ट नगर और सराय गांव समेत कई कॉलोनियां स्थित हैं।
बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में करीब 20 हजार से अधिक लोग रहते हैं और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बड़ी संख्या में लोग इस सड़क पर निर्भर हैं। इसके अलावा पुरानी सराय रोड की स्थिति भी खराब बताई जा रही है।
15 सितंबर से मिशन मोड में होगी सड़कों की मरम्मत
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि जिले की क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए सर्वे किया जा चुका है और टेंडर प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक मिशन मोड में सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्य किया जाएगा। जिन स्थानों पर बड़े गड्ढे हैं, वहां फिलहाल अस्थायी रूप से उन्हें भरने का काम किया जा रहा है।
बारिश की तीव्रता कम होने के बाद विभागों को मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
कुंभ मेले के बजट से सुधरेगी सराय बाईपास रोड
डीएम के अनुसार, हरिद्वार की सराय बाईपास रोड की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कुंभ मेले के बजट का भी उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आवश्यक कार्य शुरू कर दिया है।
फिलहाल ऋषिकेश और हरिद्वार दोनों शहरों में खराब सड़कों के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को उम्मीद है कि बारिश का दौर कम होने के बाद सड़क मरम्मत का काम तेजी से शुरू होगा और गड्ढों से राहत मिलेगी।
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