दो दिन पूर्व सात-आठ साल के बच्चे पर लावारिस कुत्तों ने हमला कर दिया। यह तो सिर्फ ताजा मामला है। लावारिस कुत्तों के बाइकों के पीछे भागने और काटने के दौड़ने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दून में आक्रामक होते कुत्तों के व्यवहार के पीछे की वजह से इस समय लगातार बढ़ रहा तापमान और उनका प्रजनन काल बताया जा रहा है। डॉक्टरों का मानना है कि गर्मी बढ़ने की वजह से लावारिस कुत्तों में आक्रामकता स्वाभाविक है।
मई-जून की भीषण गर्मी और लू के कारण कुत्ते असहज हो जाते हैं। पालतू कुत्तों को तो छांव मिल जाती है और उनको ठंडा पानी मयस्सर हो जाता है लेकिन लावारिस कुत्तों का रहन-सहन इससे काफी अलग हो जाता है। मौसम में अत्यधिक तापमान (गर्मी का तनाव) कुत्तों के मस्तिष्क को प्रभावित करता है, जिससे उनके व्यवहार में आक्रामकता बढ़ती है। वे बिना किसी स्पष्ट कारण के भी लोगों पर हमला कर देते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि मौसम कुत्तों के व्यवहार को भी प्रभावित करते हैं। ठंड के समय अधिकांश कुत्ते सुस्त रहते हैं तो जैसे ही गर्मी आती है तो वह हाइपरएक्टिव हो जाते हैं।
एक यूनिवर्सिटी के सर्वे में आई थी यह बात सामने
कुत्तों के व्यवहार पर भी एक यूनिवर्सिटी ने शोध किया था। इस दौरान उनकी बीमारी और व्यवहार को आधार बनाया गया था। इसमें भी यह बात सामने आई थी कि कुत्तों को इंसानों से ज्यादा गर्मी लगती है। यही वजह से कि गर्मी के दिनों में कुछ कुत्ते में कोर्टिसोल हार्मोन (तनाव वाला हार्मोन) तेजी से बढ़ जाता है। यही उनके व्यवहार में बदलाव की है। गर्मी की वजह से कुत्ते अचानक भौंकते, रोते और काटते हैं। आने-जाने वाले वाहनों पीछे भी दौड़ते हैं।
50 हजार से ज्यादा है दून में लावारिस कुत्तों की संख्या
राजधानी में लावारिस कुत्तों की संख्या बहुत ज्यादा है। नगर निगम की ओर से जिस संस्था को लावारिस कुत्तों के वैक्सीनेशन और बधियाकरण का काम सौंपा गया है। उसके रिकॉर्ड के अनुसार दून में 50 हजार से ज्यादा कुत्तों का बधियाकरण किया जा चुका है और यह काम अभी भी जारी है। इससे साफ है कि इतनी बड़ी मात्रा में कुत्ते लावारिस स्थिति में दून की सड़कों पर हैं।
गर्मी आते ही कुत्तों के व्यवहार में बदलाव आता है। यही उनके आक्रामक होने की वजह है। हालांकि प्रजनन काल में भी वह इस तरह का व्यवहार करते हैं लेकिन ज्यादातर कुत्तों का प्रजनन काल जुलाई के आसपास शुरू होगा। -डॉ. राजीव मोहन, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी देहरादून
गर्मी की वजह से कुत्तों में आक्रामकता बढ़ रही है। इसकी वजह से भी मामले सामने आते हैं। -डॉ. वरुण अग्रवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी नगर निगम