शैक्षिक सत्र 2025–26 में सूचीबद्ध 54 मदरसों में से केवल 24 मदरसों में ही छात्रों का पंजीकरण हुआ है, जबकि शेष 30 मदरसे इस स्तर पर छात्रविहीन हैं। इसमें आलिम स्तर पर स्थिति और भी चिंताजनक है। इस स्तर पर इस सत्र में प्रदेशभर में मात्र 83 छात्र नियमित रूप से अध्ययनरत हैं। जबकि 16 छात्रों ने निजी परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा दी है।
कम छात्रों की वजह से मान्यता पर खतरा
उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त नौंवी से 12वीं तक के 54 मदरसों में से अधिकतर की मदरसा बोर्ड से मान्यता को खतरा बना है। मान्यता के लिए नियम यह है कि मुंशी, मौलवी के विद्यार्थियों की संख्या 30 से कम नहीं होनी चाहिए। जबकि उच्चतर कक्षा की मान्यता के लिए वर्तमान वर्ष में न्यूनतम 10 परीक्षार्थियों का परीक्षा में शामिल होना जरूरी है। डॉ.गांधी बताते हैं कि कक्षा नौंवी से 12वीं तक के 54 मदरसों में से मात्र नौ मदरसे ही मान्यता के मानकों पर खरे उतर रहे हैं।