देहरादून: बीजेपी नेता रोहित नेगी हत्याकांड मामले में पुलिस एक्शन में है. पुलिस ने हत्याकांड के दो आरोपियों को मुजफ्फरनगर मंगलौर बॉर्डर पर मुठभेड़ में घायल कर दिया है. जिन्हें ऋषिकेश एम्स में भर्ती करवाया गया है.
भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रोहित नेगी को गोली मारकर मौत के घाट उतारने वाले आरोपियों को मुठभेड़ के पुलिस ने घायल कर दिया है. इसके बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली है. इस हत्याकांड बाद पुलिस ने महज 60 घंटे में बड़ा एक्शन किया. पुलिस टीमों ने दिन-रात लगतक पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, खतौली,मेरठ शामली, बागपत से लेकर दिल्ली व हरियाणा तक की खाक छानी.
हैरानी की बात यह रही है कि घटना को अंजाम देने के बाद दोनों शातिरों ने अपना मोबाइल बंद कर दिया था. दोनों ही आरोपी दूसरे फोन का इस्तेमाल कर पुलिस को गुमराह कर रहे थे. साथ ही वे बार बार अपना ठिकाना बदल रहे थे. जिसके कारण पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में टाइम लगा. एसएसपी देहरादून अजय सिंह की सटीक रणनीति, मैन्युअल पुलिसिंग के बाद टीमें मिनट टू मिनट अलग-अलग स्थानों में फ़िल्मी तर्ज पर गाड़ी दौड़ाते-दौड़ाते आखिकार हत्यारों तक पहुंची.
प्रेमनगर थानाक्षेत्र में रोहित नेगी हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त पुलिस मुठभेड़ में घायल,
गिरफ्तारी से बचने के लिए भागने के दौरान अभियुक्तों ने पुलिस टीम पर किया जानलेवा हमला, आत्मरक्षा में की गई पुलिस की जवाबी फायरिंग में 02 अभियुक्त हुए घायल।https://t.co/1XvBJ0TQfO pic.twitter.com/ru49MduIKV
— Dehradun Police Uttarakhand (@DehradunPolice) June 6, 2025
हत्या के आरोपी विशेष धर्म (समुदाय) के होने के कारण मुजफ्फरनगर मंगलौर बॉर्डर पर उन्हें पकड़ने में एक बार फिर संवेदनशील स्थिति बन आयी. ऐसे में यह भी एक कारण रहा कि हत्यारों के साथ मुठभेड़ की घटना सामने आयी.
हत्यारोपी अजहर त्यागी की गिरफ्तारी के बाद रोहित की मां सोमबाला और बहन ने पुलिस कार्रवाई पर संतोष तो जताया है. उन्होंने कहा आरोपियों के पैर में नहीं बल्कि सीने पर गोली मारनी चाहिए थी.
बता दें थाना प्रेमनगर क्षेत्र के मांडूवाला में 3 मई की रात को दो बाइक सवार युवकों ने भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष रोहित नेगी की गोली मार कर हत्या कर दी थी. जिसके बाद थाना प्रेमनगर में मुकदमा लिखने में भी लापरवाही सामने आई. स्थानीय लोगों के दबाव पर पुलिस ने दो आरोपी अजहर त्यागी और आयुष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. इसके बाद भी दोनों की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी. जिसके बाद स्थानीय लोगों के आक्रोश ओर स्थानीय विधायक ने भी सड़क पर उतरने की चेतावनी दी. साथ ही युवाओं ने एसएसपी कार्यालय में प्रदर्शन किया. जिसके बाद मामले में एक्शन हुआ है.