प्रत्येक परिवार 300 रुपये महीना ग्राम पंचायत को जमा कर रहा
उन्होंने बताया कि इससे करीब एक बीघा भूमि में गड्ढा बनाया गया, जिसे भीतर से पक्का किया गया। इसके बाद लोहे का एयर टाइट डाइजेस्टर चैंबर बनाया। जैसे-जैसे इसमें गैस की मात्रा बढ़ती है, यह चैंबर ऊपर उठता जाता है। यहां से गैस खोल दी जाती है, जो पाइप के जरिए गांव के 40 घरों तक पहुंचती है। संयंत्र के रखरखाव और विस्तार के लिए प्रत्येक परिवार 300 रुपये महीना ग्राम पंचायत को जमा कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान स्वामी घनश्याम ने बताया कि अब गोशाला के जरिए गांव के लिए खुद की बिजली बनाने की परियोजना पर काम कर रहे हैं। इसका प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है, जिसके तहत गोशाला में बैल और बछड़े बिजली बनाने वाली टरबाइन को घुमाएंगे। इससे गांव के लिए बिजली तैयार होगी। यह कदम गांव को ऊर्जा के क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भर बनाएगा।