रामनगर/पौड़ी: कालागढ़ टाइगर रिजर्व से हाथी के बेकाबू होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत कालागढ़ स्थित हाथीशाला में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ‘गजराज’ नाम का हाथी महावत बदले जाने के बाद अचानक नाराज हो गया। हाथी बीच सड़क पर उछल-कूद करने लगा, जिससे राहगीरों में भी हड़कंप मच गया। हालांकि नए महावत ने हिम्मत दिखाते हुए हाथी को नियंत्रित कर वापस हाथीशाला की ओर ले जाने में सफलता हासिल की।
महावत बदलते ही बदले गजराज के तेवर
कालागढ़ स्थित हाथीशाला में ‘गजराज’ की देखभाल की जिम्मेदारी महावत मोहित के पास है। बताया जा रहा है कि 9 अगस्त को महावत मोहित के मौजूद नहीं होने पर महावत ओमपाल को गजराज को चारे के लिए हाथीशाला से सूखासोत की ओर ले जाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
हाथीशाला से कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद गजराज को महावत बदले जाने का एहसास हुआ। इसके बाद उसके तेवर अचानक बदल गए। सुरक्षा बैरियर के पास पहुंचते ही हाथी बीच सड़क पर उछल-कूद करने लगा। हाथी को इस तरह बेकाबू देखकर सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने दूरी बनाकर अपनी जान बचाई।
इसी दौरान किसी राहगीर ने पूरी घटना को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
नए महावत ने दिखाई हिम्मत
स्थिति बिगड़ती देख महावत ओमपाल ने हिम्मत नहीं हारी। काफी प्रयास के बाद उन्होंने गजराज को नियंत्रित किया और उसे वापस हाथीशाला की ओर मोड़ने में सफलता हासिल की। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का गश्ती दल और अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
इसके बाद वन विभाग के चिकित्सा दल ने गजराज का चिकित्सकीय परीक्षण किया। फिलहाल हाथी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और वन विभाग की टीम पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
घायल जंगली हाथी भी वन विभाग की चिंता
उधर, रामनगर वन प्रभाग की कालाढूंगी रेंज में एक घायल जंगली हाथी वन विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। यह हाथी पिछले कई सप्ताह से जंगल क्षेत्र में लंगड़ाते हुए घूम रहा है। उसके अगले बाएं पैर में बड़ा घाव है, जिसके कारण उसे चलने में परेशानी हो रही है।
करीब एक सप्ताह पहले कालाढूंगी रेंज के नयागांव के पास जंगल में गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने हाथी को लंगड़ाते हुए देखा था। करीब से निगरानी करने पर उसके पैर में बड़ा घाव दिखाई दिया। घायल होने के बावजूद हाथी जंगल में अपनी सामान्य गतिविधियां करता नजर आ रहा है, लेकिन घाव के कारण उसकी चाल प्रभावित है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कर रही निगरानी
हाथी की स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने उसकी निगरानी बढ़ा दी है। इसके लिए विशेष टीम गठित की गई है, जिसमें वन विभाग के कर्मचारियों के साथ दो विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी शामिल किया गया है।
रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ध्रुव सिंह मार्तोलिया ने बताया कि गश्त के दौरान नयागांव के समीप जंगल में हाथी दिखाई दिया था। उसके पैर में बड़ा घाव पाए जाने के बाद निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया गया। टीम हाथी की गतिविधियों के साथ-साथ उसके घाव और स्वास्थ्य की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।
एक ओर कालागढ़ में महावत बदलने के बाद हाथी के बेकाबू होने की घटना ने लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है, वहीं घायल जंगली हाथी की निगरानी वन विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। फिलहाल दोनों मामलों में वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
