Haridwar : कुंभ से पहले बदलेगा हरिद्वार का रूप, अंडरब्रिज और दीवारों पर दिखेगी धर्म-संस्कृति की झलक

हरिद्वार: आगामी कुंभ मेले को लेकर हरिद्वार में तैयारियां तेज हो गई हैं। मेला क्षेत्र के विकास के साथ शहर को भी आकर्षक और भव्य स्वरूप देने पर जोर दिया जा रहा है। कुंभ मेला प्रशासन और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) ने शहर के प्रमुख अंडरब्रिज, दीवारों और सार्वजनिक स्थलों को कुंभ की थीम पर सजाने का काम शुरू कर दिया है।

इन स्थानों पर धार्मिक प्रतीकों, संतों और धर्मगुरुओं, वेद मंत्रों, गंगा तथा भारतीय संस्कृति से जुड़ी कलाकृतियां उकेरी जा रही हैं। रंग-बिरंगी पेंटिंग के जरिए शहर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ श्रद्धालुओं को हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराने की कोशिश की जा रही है।

प्रवेश मार्गों पर दिखेगी कुंभ की भव्यता

कुंभ मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मेला क्षेत्र के अलावा शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों और हाईवे के आसपास के इलाकों को भी सजाने की योजना बनाई गई है।

हाईवे के किनारे मौजूद दीवारों और प्रमुख स्थानों पर कुंभ की थीम से जुड़ी पेंटिंग बनाई जाएगी। इनमें साधु-संतों, धार्मिक प्रतीकों, गंगा और भारतीय संस्कृति को प्रमुखता दी जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को शहर में प्रवेश करते ही कुंभ की धार्मिक और आध्यात्मिक छवि नजर आएगी।

हर की पैड़ी, कनखल और उत्तरी हरिद्वार में काम शुरू

कुंभ मेला अधिकारी और HRDA उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे आईएएस अधिकारी सोनिका के मुताबिक, शहर के सौंदर्यीकरण के लिए कई स्थानों को चिन्हित किया गया है।

हर की पैड़ी, उत्तरी हरिद्वार और कनखल समेत कई क्षेत्रों में कुंभ थीम आधारित पेंटिंग का काम शुरू हो चुका है। आने वाले समय में शहर के अन्य हिस्सों में भी सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य किए जाएंगे।

अधिकारियों का उद्देश्य है कि हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को शहर के अलग-अलग हिस्सों में कुंभ की भव्यता और धार्मिक विरासत की झलक देखने को मिले।

अखाड़ों और मठ-मंदिरों का भी होगा सौंदर्यीकरण

कुंभ का आयोजन अखाड़ों, संत परंपरा और मठ-मंदिरों से गहराई से जुड़ा हुआ है। ऐसे में शहर के प्रमुख अखाड़ों, मठों और मंदिरों के आसपास भी सौंदर्यीकरण किए जाने की योजना है।

धार्मिक स्थलों की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को ध्यान में रखते हुए सजावट की जाएगी। इससे कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को हरिद्वार के धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

सुभाष घाट पर पहले ही हो चुका है काम

हरिद्वार में सार्वजनिक स्थानों को नया रूप देने की कवायद पहले भी की जा चुकी है। सुभाष घाट पर दीवारों और आसपास के क्षेत्र में रंगाई-पुताई और पेंटिंग का काम कराया गया है।

घाट के आसपास स्थित होटल, धर्मशालाओं और अन्य प्रतिष्ठानों को भी एक समान रंग में रंगा गया है। इसी तरह कुंभ मेले के मुख्य कार्यालय सीसीआर भवन को भी आकर्षक रूप दिया गया है।

अब इसी तर्ज पर कुंभ को केंद्र में रखते हुए शहर के दूसरे प्रमुख स्थानों को भी सजाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बरसात का मौसम खत्म होने के बाद सौंदर्यीकरण से जुड़े अन्य कार्यों में भी तेजी लाई जाएगी।

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