श्यामपुर में मिली अधजली लाश के पीछे की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है जहां प्यार, शक और जिद ने मिलकर एक खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। इस जघन्य हत्याकांड में न केवल एक महिला की जान गई बल्कि आरोपी सलमान और उसकी मददगार मेहरुन्निशा के जेल पहुंचने से कई जिंदगी तबाह हो गईं। सीमा के दो बच्चे हैं जिनके सिर से मां का साया उठ गया।
हत्या और आगजनी की साजिश
सीमा की हत्या के बाद घबराए सलमान ने मेहरुन्निशा की मदद से शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उसने पहले कुंडा के पास मेहरुन्निशा को उतारा फिर खुद ट्रक लेकर नगीना पहुंचा जहां से उसने डीजल खरीदा। इसके बाद वह श्यामपुर की ओर आया और सुनसान जगह पर पहुंचकर शव को जलाने की कोशिश की ताकि पहचान मिटाई जा सके। करीब 22 मिनट में उसने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
22 मिनट बाद निकला ट्रक, यहीं से मिली लीड
सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि यह पूरा मामला हरिद्वार पुलिस के लिए एक ब्लाइंड केस जैसा था। अधजली लाश मिली थी पहचान नहीं हो पा रही थी। मगर तकनीकी जांच, मोबाइल सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने न सिर्फ शव की पहचान की बल्कि आरोपी सलमान और उसकी सहयोगी मेहरुन्निशा तक पहुंच गई। सीओ ने बताया कि श्यामपुर, देहरादून हाइवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से चेक करने पर सामने आया कि अधिकांश ट्रक दो से तीन मिनट में पार हो रहे थे, लेकिन एक सफेद रंग का कंटेनर पहले प्वाइंट से निकलने के बाद आगे के कैमरे में 22 मिनट बाद जाता दिखाई दिया। बस यही से जांच आगे बढ़ी। फिर रायवाला में कैमरे चेक करने पर ट्रक का नंबर मिला और यहीं से पूरी लीड मिल गई।