हल्द्वानी (उत्तराखंड): नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के बाद सामने आए कथित शुद्धिकरण विवाद ने अब राजनीतिक रूप से नया मोड़ ले लिया है। राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में दर्ज मुकदमे के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कोतवाली पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित करीब 15 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की। पार्टी ने इस संबंध में पुलिस को ज्ञापन और तहरीर सौंपते हुए कथित शुद्धिकरण की घटना को अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान बताया।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की शिकायतों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ मामले में तेजी से एफआईआर दर्ज कर ली गई। कांग्रेस ने इसे अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम से भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता सामने आती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी कथित शुद्धिकरण मामले को लेकर पुलिस को शिकायत दे चुकी है, लेकिन अब तक पार्टी की मांग के अनुसार मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे हैं और पार्टी इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान के मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
पार्टी ने एआई तकनीक से तैयार किए गए कथित फर्जी वीडियो के मामले में भी मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पुलिस को दोनों मामलों में निष्पक्ष और कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली आयोजित की गई थी। रैली के बाद 10 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा उस मंच का कथित रूप से शुद्धिकरण किए जाने का मामला सामने आया था।
इस घटना के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया और कांग्रेस ने विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया। अब राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर और कथित शुद्धिकरण मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस एक बार फिर आंदोलन की राह पर नजर आ रही है।
