Gairsain : नवोदय विद्यालय का बुरा हाल, गणित-विज्ञान के टीचर नहीं, 5 महीने बाद हैं बोर्ड परीक्षाएं

गैरसैंण: सरकार भले ही पहाड़ों में बेहतर शिक्षा देना का दावा और वादा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. एक और जहां स्कूलों की बड़ी-बड़ी बिल्डिंगें खड़ी कर दी गई हैं. वहीं कई ऐसे विद्यालय भी हैं, जो आज भी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं.

ग्रीष्मकालीन राजधानी के नवोदय विद्यालय का बुरा हाल: अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को लेकर आये दिन लोग पहाड़ों से पलायन कर रहे हैं. कई बार लोगों को अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने को भी मजबूर होना पड़ता है. जिसका मुख्य कारण लोगों की मूल-भूत आवश्यकतायें हैं. आज हर व्यक्ति अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहता है, लेकिन सरकारी दावे और वादे उनके मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला सूबे की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण से आया है. यहां नौनिहाल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं.

शिक्षकों की कमी से छात्र परेशानी: उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए नवोदय विद्यालयों की स्थापना की गई. लेकिन वर्तमान में शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गैरसैंण में वर्ष 2009 में स्थापित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के रिक्त पदों को लेकर अभिभावकों ने उप जिलाधिकारी गैरसैंण अबरार अहमद से मिलकर अपनी समस्यायें रखी.

गैरसैंण नवोदय विद्यालय में गणित और विज्ञान के टीचर नहीं: इस दौरान अभिवावकों ने चिंता जताते हुए कहा कि, 5 माह बाद बच्चों की बोर्ड परीक्षायें होने वाली हैं, लेकिन विषयाध्यापकों के न होने से बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अभिभावकों ने एक माह के भीतर शिक्षकों की तैनाती न होने पर आंदोलन किए जाने की बात कही. वर्तमान में विद्यालय में इंटर स्तर पर भौतिक विज्ञान तो हाईस्कूल स्तर पर गणित, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं. वहीं बोर्डिंग व्यवस्था में चलने वाले विद्यालय में महिला मेंटनर का पद भी लंबे समय से रिक्त चल रहा है, जिससे यहां पढ़ने वाली छात्राओं को अपनी परेशानियां बताने के लिए कोई उचित माध्यम तक उपलब्ध नहीं है.

प्रभारी प्रधानाचार्य का पक्ष: पीटीए गठन को लेकर प्रभारी प्रधानाचार्य आरती गुसाईं ने कहा कि-

गत वर्ष सितंबर माह में नये परिसर में स्थानांतरित होने के बाद पीटीए का गठन हुआ था, जिसके चलते इस वर्ष देर हुई है. अब अभिभावकों की मांग पर इसी सप्ताह पीटीए का गठन कर बैठक बुलायी जाएगी. रिक्त पदों को लेकर सूचना जिला स्तरीय अधिकारियों को भेजी जा चुकी है.
-आरती गुसाईं, प्रभारी प्रधानाचार्य-

ज्ञापन देने वालों में सुरेंद्र रावत, गबर सिंह, राखी रावत, लक्ष्मण रावत, शोभा आदि अभिभावक शामिल रहे.

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